लापता ट्रक मामले में एक गिरफ़्तार

ट्रक
Image caption एक संदिग्ध की गिरफ़्तारी को पुलिस बड़ी सफलता के रुप में पेश कर रही है, लेकिन इस मामले हर दिन एक नई बात सामने आ रही है.

राजस्थान के धौलपुर से निकले विस्फोटकों से लदे ट्रक मामले में मध्य प्रदेश की सागर पुलिस ने एक प्रमुख संदिग्ध जयकिशन आसवानी को शुक्रवार को गिरफ़्तार कर लिया.

पुलिस को उम्मीद है कि इससे कोई 800 टन लापता विस्फोटक सामग्री का पता चल सकेगा.

इस मामले ने कई राज्यों में पुलिस की नींद उड़ा रखी हैं.

चार संदिग्ध लापता

मध्यप्रदेश पुलिस का कहना है कि दरअसल धौलपुर से निकल कर रास्ते से ही ग़ायब हुए ट्रकों की तादाद 61 नहीं, 164 थी.

मध्यप्रदेश की सागर पुलिस ने इस सिलसिले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है. लेकिन इस मामले के चार प्रमुख संदिग्ध अब भी पुलिस की पहुंच से दूर है.

सागर पुलिस ने इन सभी के लिए दस दस हज़ार के इनाम घोषित किए है.

पुलिस को तब पहली कामयाबी मिली जब जयकिशन आसवानी को गिरफ़्तार किया गया.

सागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने कहा कि,''हाँ, इस मामले में ये पहली बड़ी गिरफ़्तारी है. हम आसवानी से आगे पूछ ताछ कर रहे है.''

मनोज सिंह ने कहा ''हमें जांच में पता चला कि मई से जुलाई के बीच धोलपूर से 103 ट्रक अशोक नगर के चंदेरी के लिए चले लेकिन वो संगम ट्रेडर्स के गोदाम तक नहीं पहुंचे.''

पुलिस के मुताबिक़ कुल विस्फोटक 848 मेट्रिक टन हैं. इसके आलावा लाखों की तादाद में डिटोनेटर है.

उधर धौलपुर में राजस्थान एक्सप्लोसिव फैक्ट्री के एक अधिकारी ऐडवर्ड ने बीबीसी से कहा, ''हमने नियम क़ायदों के तहत काम किया है, हमारे स्तर पर किसी क़ानून का उल्लंघन नहीं हुआ. हमने मान्य नियमों और तरीक़ो के तहत ही विस्फोटक लाइसेंसी को जारी किए थे.''

लेकिन फ़ैक्ट्री का ये कथन पुलिस के गले नहीं उतर रहा है. इस पूरे मामले में सागर में गणेश एक्स्प्लोसिव के जयकिशन आसवानी, उसके भागीदार देवेन्द्र , भीलवाड़ा के विस्फोटक व्यापारी और लाइसेंसी शिवचरण हेडा और उनकी पत्नी दीपा को पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश कर रही है.

वित्तीय लेनेदेन

धौलपुर की फ़ैक्ट्री बैंक ड्राफ़्ट लेकर विस्फोटक देती है. लेकिन पुलिस के मुताबिक़ इन सौदों का वित्तीय लेनदेन गुजरात के राजकोट में हुआ है, सारे बैंक ड्राफ़्ट राजकोट में ही बने है.

पुलिस इस बारे में आयकर विभाग को सूचित कर रही है. जिन 103 ट्रकों के लिए विस्फोटक ख़रीदे गए, उस फ़र्म का एक भागीदार हिरासत में लिया गया है. मगर उसकी माली हालत ऐसी नहीं है कि वो तीन करोड़ रूपए का कारोबार कर सके. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

भीलवाड़ा में पुलिस ने हेडा के ठिकानों की तलाशी ली और कुछ काग़ज़ात ज़ब्त किए हैं.

इसके अलावा विस्फोटक परिवहन में काम आए ट्रकों को भी ज़ब्त किया गया है.

पुलिस ने हेडा के गोदाम से बड़ी तादाद में विस्फोटक भी बरामद किए है. ये विस्फोटक ज़ाहिरा तौर पर भारत खनन कार्यो में इस्तेमाल के लिए जारी किए जाते हैं लेकिन पुलिस का कहना है कि ये ग़ैर क़ानूनी खनन में भी काम आते हैं.

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चिंता ये है कि कहीं ये विस्फोटक चरमपंथी गुटों के हाथ ना लग जाएँ.

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