'भगवा आतंकवाद' पर विपक्ष को आपत्ति

पी चिदंबरम
Image caption गृह मंत्री ने बुधवार को 'भगवा आतंकवाद' के उदय पर चिंता व्यक्त की थी.

गृह मंत्री पी चिदंबरम के ‘भगवा आंतकवाद’ के उदय पर दिए गए बयान पर राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने हंगामा किया है और कड़ी आपत्ति जताई है.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को कहा था कि हाल में 'सैफ़रन टेररिज़्म' यानी 'भगवा आतंक' का बम धमाकों से संबंध का पता चला है. देश के विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के एक सम्मेलन को दिल्ली में संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने ये विचार व्यक्त किए थे.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि गृह मंत्री को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए क्योंकि ‘देश में भगवा आतंकवाद जैसी कोई चीज़ नहीं है.’

इन दलों ने गुरुवार को लोकसभा में भी चिदंबरम के बयान पर आपत्ति जताई थी.

'भगवा आतंकवाद नहीं'

जेटली ने कहा कि भारत में पंजाब, कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाक़ों में हिंसा होती रही है लेकिन इनमें किसी घटना को भी किसी समुदाय और धर्म से कभी नहीं जोड़ा गया है.

अरुण जेटली ने कहा, "हम चाहते हैं कि चिदंबरम माओवादी हिंसा और कश्मीर समस्या से निपटने के लिए रणनीति बनाएँ लेकिन वे तो भगवा आतंकवाद का मुद्दा उठा रहे हैं. हम कहना चाहते हैं कि ऐसी कोई चीज़ मौजूद नहीं है. चिदंबरम एक काल्पनिक आतंकवाद से लड़ने की कोशिश कर रहे हैं."

शिव सेना के मनोहर जोशी ने भी कहा कि भगवा आतंक जैसी शब्दावली का प्रयोग नहीं होना चाहिए.

इससे पहले राज्यसभा में लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान गृह मंत्री के बचाव में आए और कहा कि चिदंबरम ने ये बयान एक ज़िम्मेदार मंत्री की हैसियत से दिया है और ‘भगवा आतंकवाद’ से मज़बूती से लड़ा जाना चाहिए.

इसके बाद हंगामा शुरु हो गया और सदन को कुछ देर के लिए स्थगित करना पड़ा.

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