विस्फोटकों से लदे 61 नहीं, 164 ट्रक लापता

Image caption गायब हुए ट्रकों में 848 मेट्रिक टन विस्फोटक है.

राजस्थान से कुछ हफ़्ते पहले गायब हुए विस्फोटक से लदे ट्रकों के मामले में एक नई जानकारी ने कई राज्यों में पुलिस की नींद उदा दी है. मध्य प्रदेश पुलिस का कहना है कि धौलपुर की एक निजी फ़ैक्ट्री से निकलकर गायब हुए ट्रकों की संख्या 61 नहीं बल्कि 164 है.

ये ट्रक धौलपुर से मध्यप्रदेश में सागर के लिए रवाना हुए थे लेकिन अपने ठिकाने पर नहीं पहुँचे. कुछ दिन पहले भीलवाड़ा की पुलिस ने इनमें से 16 ट्रकों को अपने कब्ज़े में ले लिया था लेकिन बाक़ी का कुछ पता नहीं है.

इस सिलसिले में मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. लेकिन मामले से जुड़े पांच प्रमुख अभियुक्त अब भी पुलिस की पहुँच दूर हैं.

ट्रकों की बढ़ी हुई संख्या का पता तब चला जब सागर पुलिस 61 ट्रकों की खोज में जुटी. विस्फ़ोटक से लदे 103 और ट्रक अशोकनगर स्थित चंदेरी शहर के लिए चले थे मगर चंदेरी तक नहीं पहुंचे.

'ट्रकों में 848 टन विस्फोटक, डेटोनेटर'

सागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने कहा, ''हमें जांच में पता चला है कि धौलपुर से सागर के लिए रवाना हुए 61 ट्रकों के अलावा मई से जुलाई के बीच चंदेरी के लिए 103 और ट्रक चले, लेकिन ये ट्रक अपने ख़रीददार संगम ट्रेडर्स तक नहीं पहुंचे. हमने अशोक नगर पुलिस को इसके बारे में बता दिया है और वो जाँच कर रही है.''

पुलिस के मुताबिक इन ट्रकों में कुल 848 मीट्रिक टन विस्फोटक है और लाखों की संख्या में डेटोनेटर हैं.

विस्फोटक की ख़रीद के लिए लाइसेंस जारी करने वाली धौलपुर की सरकारी फ़ैक्ट्री ‘राजस्थान एक्सप्लोसिव्स’ के अधिकारी एडवार्ड ने कहा है कि लाइसेंस जारी करने में उसने सभी तरह के नियमों का पालन किया है.

एडवर्ड ने कहा, ''हमने सारा काम नियमों के तहत किया है. हमारे स्तर पर कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है. विस्फोटक की ख़रीद के लिए मान्य नियमों और तरीकों से लाइसेंस जारी किए गए थे.''

दस हज़ार का ईनाम

हालांकि फ़ैक्ट्री के अधिकारियों का ये कथन पुलिस के गले नहीं उतर रहा है. पुलिस इस मामले में सागर स्थित ‘गणेश एक्सप्लोसिव’ के मालिक जय किशन आसवानी, उनके भागीदार देवेंद्र, भीलवाड़ा के विस्फोटक व्यापारी और लाइसेंसी शिवचरण हेड़ा और उनकी पत्नी दीपा को पिछले कई दिनों से तलाश कर रही है.

सागर पुलिस ने प्रत्येक दोषी पर दस हज़ार रुपए के ईनाम की घोषणा भी की है.

धौलपुर की फ़ैक्ट्री आमतौर पर बैंक ड्राफ़्ट लेकर विस्फोटक सप्लाई करती है. इन सौदों में पैसे का लेनदेन गुजरात के राजकोट शहर के ज़रिए हुआ है. पुलिस के मुताबिक सारे बैंक ड्राफ़्ट राजकोट में ही बने है. इस बारे में आय कर विभाग को भी सूचित कर दिया गया है.

जिस कंपनी ने विस्फोटक के 103 ट्रक ख़रीदे उस फ़र्म का एक भागीदार पुलिस की हिरासत में है. पूछताछ के दौरान पुलिस ने जाना कि उसकी माली हालत ऐसी नहीं है कि वो तीन करोड़ रूपए का कारोबार कर सके. इस मामले में उससे पूछताछ जारी है.

भीलवाड़ा में पुलिस ने शिवचरण हेड़ा के ठिकानों की तलाशी ली और कुछ काग़ज़ात ज़ब्त किए हैं.

इसके अलावा विस्फोटक लाने ले जाने में इस्तेमाल हुए ट्रकों को भी ज़ब्त किया गया है. पुलिस ने हेड़ा के गोदाम से बड़ी तादाद में विस्फोटक भी बरामद किया है.

पुलिस मान रही है कि इस विस्फोटक का इस्तेमाल ग़ैर क़ानूनी ख़नन में हो सकता है लेकिन वो चिंतित है कि अगर ये चरमपंथियों के हाथ में पड़ जाए तो सुरक्षा के लिहाज़ से बड़ी मुसीबत पैदा हो सकती है.

संबंधित समाचार