करंट लगने से 11 की मौत

हाईटेंशन तार
Image caption घटनास्थल पर 11 लोगों को बिजली के तार से चिपका हुआ पाया गया.

उत्तर प्रदेश के लख़ीमपुर खीरी में हुए एक दर्दनाक हादसे में बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गयी.

यह हादसा उस समय हुआ जब उत्तर प्रदेश सरकार की 'निर्बल आवास योजना' के तहत मकानों का निर्माण कार्य चल रहा था.

निर्माण स्थल पर बहुत नीचे से एक हाईटेंशन तार गुज़र रहा था. इस बीच सीमेंट के मिक्सर प्लांट पर काम कर रहे 12 मज़दूरों की नज़र बिजली के तार पर नहीं पड़ी.

काम के दौरान मिक्सर का लोहे का एक हिस्सा तार की चपेट में आ गया और करंट लगने से एक-एक कर सभी मज़दूरों की मौत हो गई.

चीखने-चिल्लाने की आवाज़ सुनकर स्थानीय लोग जब घटनास्थल पर पहुंचे तो 11 लोगों को तार से चिपका हुआ पाया.

सरकारी लापरवाही

घटना की सूचना मिलने के कई घंटे बाद ज़िले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी हासिल की.

निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे एक इंजीनियर को हादसे के लिए ज़िम्मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया गया है.

इलाके के ज़िलाधिकारी समीर वर्मा ने बीबीसी से बातचीत में 11 लोगों के मरने की पुष्टि की. ज़िलाधिकारी ने मृतकों के परिजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रूपए देने की बात कही है.

हालांकि मरने वालों के परिजनों की मांग है हादसे के लिए उन्हें कम से कम 10 लाख की सहयता राशि दी जाए.

घटना के बाद पूरे इलाके में गम का माहौल है. सभी के मन में एक ही सवाल है कि जिस जगह पर हाईटेंशन तार इतनी नज़दीक से गुज़र रहा था उस ज़मीम पर प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य कैसे शुरु कराया गया.

सरकारी नियम कहते हैं कि हाईटेंशन तारों के आसपास एक निश्चत दूरी तक किसी किस्म की रिहायशी गतिविधी गैर कानूनी है.

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