पाकिस्तान को और मदद की घोषणा

एसएम कृष्णा
Image caption कृष्णा ने लोकसभा में पाकिस्तान के लिए मदद की घोषणा की.

भारत ने पाकिस्तान में आई बाढ़ से मची भयंकर त्रासदी को देखते हुए मदद राशि को और बढ़ा दिया है. भारत ने पहले पचास लाख डॉलर की राशि दी थी जिसे अब बढ़ाकर ढाई करोड़ डॉलर कर दिया गया है.

भारत ने अगस्त महीने की शुरुआत में ही बाढ़ से निपटने के लिए पाकिस्तान को पचास लाख डॉलर की राशि देने का वादा किया था जिसे अब बढाया गया है.

अब पाकिस्तान में बाढ़ का पानी उतर रहा है लेकिन समस्या अभी और भी ख़तरनाक हो सकती है क्योंकि कई इलाक़ों में न घर रह गए हैं और न ही कोई आधारभूत संरचना.

आधिकारिक आकड़ों के अनुसार इस बाढ़ में अबतक पंद्रह सौ से अधिक लोग मर चुके हैं, लाखों घर तबाह हुए हैं और क़रीब दो करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी पहले ही कह चुके है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की इस त्रासदी की अनदेखी कर रहा है. भारत का कहना है कि वो दक्षिण एशिया में अपने पड़ोस में हो रही ऐसी तबाही को आँख मूंदकर चुपचाप नहीं देख सकता.

शायद इसीलिए भारतीय विदेश मंत्री ने आज लोकसभा में यह घोषणा कर दी कि पाकिस्तान को और अधिक मदद मुहैया कराई जाएगी.

विदेश मंत्री एसएम कृष्णा का कहना था, ‘‘अब जो आकलन सामने आ रहे हैं उससे बड़ी तबाही का पता चल रहा है इसे देखते हुए भारत सरकार ने पूर्व में घोषित पचास लाख डॉलर की राशि को बढ़ाकर ढाई करोड़ करने का फैसला किया है. इसमें से दो करोड़ डॉलर संयुक्त राष्ट्र खाद्य कोष के ज़रिए पाकिस्तान बाढ़ राहत में खर्च किए जाएंगे. पचास लाख की राशि पहले ही संयुक्त राष्ट्र के ज़रिए खर्च हो रही है.’’

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने भारत से सीधे राहत लेने की बजाय इसे संयुक्त राष्ट्र के रास्ते भेजने का अनुरोध किया था. पूर्व में बाढ़ के मुद्दे पर भारत प्रधानमंत्री पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर चुके हैं और हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया है.

पाकिस्तान ने आधिकारिक रुप से मदद का स्वागत किया है लेकिन सीधे नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र के रास्ते..यही होता है उन दो मुल्कों के बीच जिनमें जब आपसी विश्वास न हो तो अच्छी नीयत से की गई मदद भी दूसरे को असमंजस में डाल देती है और ज़रुरत पड़ जाती है किसी बिचौलिये की.

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