'मुझे डेढ़ किलोमीटर तक गाड़ी से घसीटा'

ट्रक
Image caption शाम होते ही ट्रक ड्राईवरों से वसूली और भ्रष्टाचार के मामले में बढ़ने लगते हैं.

उत्तरप्रदेश के बरेली ज़िले में महिला पुलिस ऑफ़िसर को कुचलकर भागने की कोशिश करनेवाले पुलिसवालों में से एक को गिरफ़्तार कर लिया गया है. बाक़ी दो की तलाश जारी है.

दरअसल बरेली की सुपरइंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (ट्रैफ़िक) कल्पना सक्सेना को गुरुवार शाम जानकारी मिली थी कि कुछ हवालदार ट्रक वालों से पैसा-वसूली कर रहे हैं.

कल्पना सक्सेना ने बताया, "जैसे ही मुझे इसकी जानकारी मिली मैं अपनी निजी गाड़ी में ड्राइवर और सुरक्षाकर्मी के साथ उन हवलदारों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए निकल पड़ी. मैंने देखा कि वो ट्रक ड्राइवरों से रिश्वत ले रहे थे. उन्होंने मुझे पहचान लिया और मुझे देखकर भागने लगे. उन्होंने मुझे अपनी गाड़ी के नीचे कुचलने की कोशिश की."

इस घटना के दौरान कल्पना सक्सेना के हाथ और पैर में चोटें आई हैं.

ईमानदारी पड़ी भारी

पुलिस ने बताया कि हवलदारों ने उस वक्त भागने की कोशिश की जब कल्पना सक्सेना ने अपने साथी से हवलदारों की जेब की तलाशी लेने को कहा.

अस्पताल में भर्ती कल्पना ने कहा, "मैंने ड्राईवर की गर्दन पकड़ ली थी और मैं ड्राईवर सीट की खिड़की पर लटक गई. जब उसने देखा कि मैडम तो मुझे छोड़ ही नहीं रही हैं तो उसने गाड़ी की रफ़्तार बढ़ा दी. उन्होंने मुझे वहां मौजूद लोगों के सामने कम से कम डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा. उसके बाद उन्होंने मुझे सड़क पर फेंक दिया."

बरेली के एसपी राकेश जॉली ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में उस हवलदार को ग़िरफ़्तार कर लिया गया है जो तब गाड़ी चला रहा था. उसका नाम मनोज कुमार है.

डीआईजी एन के श्रीवास्तव ने कहा है कि तीनों हवलदारों को निलंबित कर दिया गया है और कैंट पुलिस स्टेशन में उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज कर दी गई है.