कई विस्फोटक कंपनियों के लाइसेंस रद्द

ट्रक
Image caption कई विस्फोटक बनाने वाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं.

राजस्थान के धौलपुर से चलकर अपने गंतव्य से पहले ही गायब हुए विस्फोटक सामग्री के मामले सामने आने के बाद भारत के ‘विस्फोटक सुरक्षा संगठन’ ने देश भर में विस्फोटको का व्यापर करने वाली क़रीब नब्बे कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए है.

गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता के बाद पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन ने इस व्यापार के लिए ज़रूरी सतर्कता बरतने की हिदयात दी है.

नए आदेशों के मुताबिक उत्पादन कर्ता इकाई अब लाइसेंसी व्यपारी को विस्फोटक देने से चौबीस घंटे पहले स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना देनी होगी.

इस संगठन ने नए एहतियाती क़दम तब उठाए जब राजस्थान में धौलपुरकी बारूद फैक्टरी से निकले विस्फोटक मध्य प्रदेश में उस स्थान तक नहीं पहुंचे जहाँ के लिए वे भेजे गए थे.

इस मामले की जानकारी मध्य प्रदेश की सागर पुलिस ने तब दी, जब उसने सागर में विस्फोटको के भण्डारण की जांच की.

सागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने कहा, ''हमें बताया गया है कि देश भर में कोई नब्बे ऐसी कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए है जिन्होंने इस काम में विस्फोटक कानून का उल्लघंन किया, इनमे कुछ कंपनियों का संबंध बड़े व्यापरिक घरानों से भी है.”

सागर पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ महीनों से धौलपुरसे इन लाइसेंसी व्यपारियों ने कोई 800 मेट्रिक टन से अधिक विस्फोटक हासिल किये. मगर वो अपने गंतव्य पर नहीं पहुंचे. पुलिस अब तक विस्फोटक परिवहन में लगे उन्तीस ट्रक ज़ब्त कर चुकी है.

सीआईडी जांच

उधर धौलपुरमें प्रशासन ने अपनी जांच में पाया कि बारूद फ़ैक्टरी ने भी नियम क़ायदों का उल्लंघन किया है.

राजस्थान के गृह मंत्री शांति धारीवाल ने बीबीसी से कहा, “ये मामला मध्य प्रदेश से ज़्यादा ताल्लुक़ रखता है. लेकिन हमने भी इसे गंभीरता से लिया है और जांच सीआईडी को सौंप दी है.”

मध्य प्रदेश की सागर पुलिस ने इस सिलसिले में तीन लोगो को गिरफ़्तार किया है. इनमें इस मामले की एक प्रमुख कड़ी जयकिशन आसवानी भी शामिल है.

सागर के अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक मनोज सिंह कहते हैं, ''हमारी पुलिस टीम आसवानी को लेकर भीलवाडा जा रही है ताकि जांच को गति दी जा सके.”

उधर राजस्थान में भीलवाडा पुलिस ने इस मामले में विस्फोटकों के बड़े व्यापारी शिवशंकर हेडा और उनकी पत्नी दीपा को गिरफ्तार किया है.

हेडा दम्पति की क़रीब बारह कंपनियों के लाइंसेस निलंबित कर दिए गए है. हेडा दंपति और आसवानी पर आरोप है कि उन्होंने एक लाइसेंसी व्यपारी के नाते धौलपुरसे विस्फोटक हासिल किये और उन्हें लाइसेंस में वर्णित स्थानों की बजाय कही और भेज दिया.

विस्फोटकों का व्यापार

भारत में पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन के मातहत कोई 71 ऐसी लाइसेंस-शुदा मध्यम और छोटी औद्योगिक इकाईयां है जो विस्फोटक कानून के तहत उत्पादन करती है.

इन इकाइयों की क्षमता 2117 मेट्रिक टन गन पावडर, 18,90,931 मेट्रिक टन उच्च विस्फोटक और 246 मिलियन मीटर सेफ़्टी फ़्यूज उत्पादन की है.

पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन ने अपने परिपत्र में हाल की घटनाओं पर चिंता ज़ाहिर की है और सभी लाइसेसी इकाइयों और व्यपारियों को नियमों का सख़्ती से पालन करने की सीख दी गई है.

संगठन ने इन सभी को कहा है कि वो इस काम में नियमों का गंभीरता से पालन करें और ये निश्चित करें कि विस्फोटक का उपयोग और भंडारण क़ानून के मुताबिक ही हो.

ये विस्फोटक औद्योगिक और खनन कार्य के लिए जारी किये जाते है. सुरक्षा एजेंसियों की चिता है कि कहीं ये विस्फोटक ग़लत हाथों में नहीं चले जाए.

संबंधित समाचार