बिहार में चुनाव 21 अक्तूबर से छह चरणों में

लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार
Image caption एक बार फिर लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार आमने-सामने होंगे.

चुनाव आयोग ने बिहार में 243 सीटों वाली विधानसभा चुनाव के तारीख़ों की घोषणा कर दी है.

इसके हिसाब से चुनाव छह चरणों में होंगे जो 21 अक्तूबर से शुरु होकर 20 नवंबर तक चलेंगे.

मतगणना 24 नवंबर को होगी.

समाजवादी नेता दिग्विजय सिंह के निधन से खाली हुई बांका लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव भी विधानसभा चुनावों के साथ करवाने की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग ने कहा है कि इसके लिए मतदान पहली नवंबर को होगा.

मुख्यचुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी ने तारीख़ों की घोषणा करते हुए कहा है कि इन चुनावों के लिए आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जो राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सभी राजनीतिक दलों पर लागू होगी.

उन्होंने कहा है कि पाँच करोड़ 50 लाख 88 हज़ार 402 मतदाताओं वाले बिहार में सभी मतदान केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा.

छह चरण

दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय में तिथियों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त क़ुरैशी ने कहा कि मौसम, स्कूलों में पढ़ाई और सुरक्षा बलों की उपलब्धता आदि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद चुनाव की तारीख़ें घोषित की गई हैं.

उन्होंने कहा कि चुनाव छह चरणों में पूरे होंगे जिसकी शुरुआत 21 अक्तूबर से होगी, जिसमें 47 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएँगे.

दूसरा चरण 24 अक्तूबर को होगा जिसमें 45 सीटों पर मतदान होगा. 48 सीटों के लिए मतदान तीसरे चरण में 28 अक्तूबर को होंगे.

चौथे चरण का मतदान पहली नवंबर को होगा और इसमें 42 सीटों पर वोट डाले जाएँगे. पाँचवे चरण के चुनाव नौ नवंबर को होंगे जिसमें 35 सीटों पर मतदान होगा.

छठवाँ और अंतिम चरण 20 नवंबर को होगा जिसमें 26 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

मतगणना 24 नवंबर को होगी.

मौजूदा विधानसभा की अवधि 27 नवंबर है इसलिए यह वैधानिक रुप से ज़रुरी है कि इससे पहले नई विधानसभा का गठन हो जाए.

इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन

Image caption लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान में चुनावी समझौता हो चुका है

चुनावों के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध होने का दावा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त क़ुरैशी ने कहा है कि मतदान केंद्रों और मतदान के बाद मतपेटियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी केंद्रीय पुलिस और दूसरे राज्यों से आने वाली पुलिस पर होगी.

इसका अर्थ है कि राज्य की पुलिस को मतदान केंद्रों पर और बाद में मतपेटियों की सुरक्षा में नहीं रखा जाएगा.

चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी 56, 943 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के ज़रिए मतदान होगा.

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को लेकर कुछ राजनीतिक दलों की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने कई एहतियाती क़दम उठाने की घोषणा की है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वोटिंग मशीनों का चयन दो चरणों में होगा. पहले चरण के चयन के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा.

उनका कहना है कि किस मशीन को कहाँ भेजा जाए इसका फ़ैसला बिना किसी योजना के किया जाएगा और यह कार्य ज़िला चुनाव अधिकारी की उपस्थिति में होगा.

एसवाई क़ुरैशी के कार्यभार संभालने के बाद देश के किसी भी हिस्से में होने वाले ये पहले चुनाव हैं.

बिहार में मुख्य मुक़ाबला जनता दल युनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के सत्तारूढ़ गठबंधन और राष्ट्रीय जनता दल और लोकजनशक्ति पार्टी के गठबंधन के बीच होगा.

वहाँ कांग्रेस भी अपने पैर फिर से जमाने की कोशिश कर रही है.

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