खेल सिर पर, मच्छर मारने वाले घर पर

Image caption दिल्ली नगर निगम के मच्छर मारने वाले अस्थाई कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर हैं

खेल शुरू होने में कुछ ही दिनों का समय बचा है और दिल्ली में डेंगू के मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. ऐसे में परेशानी की बात ये कि दिल्ली नगर निगम के मच्छर मारने वाले अस्थाई कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं.

इन कर्मचारियों की माँग है कि उन्हें नियमित किया जाए और अन्य निगम कर्मचारियों कों मिलने वाली सुविधाएँ दी जाएं.

दिल्ली नगर निगम में 3200 लोग ऐसे हैं जो मच्छरों की रोकथाम के लिए काम करते हैं.

एंटी मलेरिया कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनोद शर्मा कहते है, " हम 1996 से निगम में अस्थाई कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं पर हमें अब तक स्थाई नहीं किया गया है. इसी के विरोध में हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं."

कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें चार हज़ार रुपए प्रति माह मिलते हैं जो कि दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मज़दूरी से भी कम हैं.

ठीक खेल शुरु होने से पहले इस तरह की हडताल क्या जायज़ है, इस पर विनोद शर्मा कहते है, " हमारे सिर पर छत नहीं है. सबसे पहले सरकार को आम जनता की ज़रुरतों को पूरा करना चाहिए, न कि खेल पर पैसा बर्बाद करना चाहिए. जो पैसा खेलों में खर्च किया गया, उसे हम जैसे लोगों की बेरोज़गारी को खत्म करने के लिए लगाया जाता तो बेहतर होता."

दिल्ली के टाउनहॉल के बाहर धरने पर बैठे इन कर्मचारियों पर दिल्ली नगर निगम ने सख्त रवैया अपनाया हुआ है.

दिल्ली नगर निगम ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर कर्मचारी मंगलवार तक वापस नहीं लौटे तो उन्हें काम से निकाल उनके स्थान पर नई भर्तियाँ की जाएँगी.

दिल्ली नगर निगम के मेयर पृथ्वी राज साहनी ने बीबीसी से बातचीत मे कहा, " खेलों से पहले ये सरासर ब्लैकमेलिंग हैं. हम इनकी माँगों पर कोई भी विचार खेलों के बाद ही करेंगे. जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अगर ये लोग काम पर नहीं लौटते हैं तो नई भर्तियाँ की जाएँगी."

जब उनसे न्यूनतम वेतन न दिए जाने का सवाल किया गया तो पृथ्वी राज साहनी ने कहा, " वेतन के मुद्दे पर हम बातचीत करने को तैयार हैं. पर वो तो इस पर बात ही नहीं करना चाहते."

राष्ट्रमंडल खेलों में काम पूरा न हो पाने से ज़्यादा बडा ख़तरा डेंगू की बीमारी फैलने का हैं.

खेलों में हिस्सा लेने वाले देश इस मुद्दे पर कितने गंभीर हैं, इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन समिति से 60 से ज़्यादा देशों ने डेंगू के हालात संबंधी जानकारी माँगी है.

आजकल दिल्ली में खूब बारिश हो रही है और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने की संभावना प्रबल है. ऐसे में ये हड़ताल दिल्ली वालों और दिल्ली आने वाले पर्यटकों पर भारी पड़ सकती हैं.

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