कंधमाल दंगों के लिए छह साल की सज़ा

कंधमाल
Image caption 2008 के कंधमाल दंगों में 40 लोग मारे गए थे और 25 हज़ार से ज़्यादा घायल हुए थे.

उड़ीसा के कंधमाल शहर में ईसाईयों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद मनोज प्रधान को छह साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

मनोज प्रधान को कंधमाल दंगों से जुड़ी हत्या के मामले में सज़ा सुनाई गई.

ग़ौरतलब है कि इसी साल जून में हत्या के एक दूसरे मामले में प्रधान को सात साल कठोर करावास की सज़ा सुनाई गई थी लेकिन वो हाई कोर्ट से ज़मानत पर रिहा हो गए थे.

कोर्ट के मौजूदा फ़ैसले के बाद उन्हें फिर जेल भेज दिया गया है.

आरोप

इस मामले में मनोज प्रधान पर आरोप था कि उन्होंने बुबेईपारा गाँव में उस भीड़ का नेत्तृत्त्व किया था जिसने विक्रम नायक नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी.

Image caption ईसाई विरोधी दंगों पर विरोध जताया गया था

मनोज प्रधान उड़ीसा के जी उदयगिरी से बीजेपी के मौजूदा विधायक हैं.

2009 में वो जेल से ही चुनाव जीते थे.

प्रधान के ख़िलाफ़ दंगा करने के कुल 12 मामले दर्ज हैं. इनमें से सात में वो बरी हो चुके हैं. इन 12 मामलों में से तीन हत्या के मामले हैं.

साल 2008 के अगस्त महीने में उड़ीसा के कंधमाल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद ईसाइयों के ख़िलाफ़ हमले हुए थे जिनमें 40 लोग मारे गए थे और 25 हज़ार से ज़्यादा बेघर हो गए.

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