ग़रीबों को मुफ़्त मोबाइल

महिलाएँ
Image caption बीएसएनएल का कहना है कि यह उसके सामाजिक दायित्व का हिस्सा है

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मुफ़्त मोबाइल फ़ोन सेट देने का कदम उठाया है.

मगर बीएसएनएल ने इसमें थोड़ी कंजूसी करते हुए महज़ तीन ज़िलों के तीन हज़ार बीपीएल परिवारों को ही इस योजना से लाभान्वित किया है.

इनमें से एक हज़ार परिवारों को गुरुवार को जयपुर ज़िले के फागी कस्बे में मोबाइल फ़ोन सेट भेंट किए गए. इन परिवारों से छह माह तक कोई पैसे नहीं लिए जाएँगे. अधिकारिओ के मुताबिक इस योजना में अभी राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को ही शामिल किया गया है.

बीएसएनएल ने इसके लिए फागी में एक जलसा किया और इन बीपीएल परिवारों को मोबाइल फोन बाँटे. इनमें महिलाएँ की संख्या ज़्यादा थी.

बीएसएनएल से मिले मोबाइल पर जब घंटी बजी तो भोजपुर की शांति बहुत खुश हो गईं. लेकिन ये उपहार उन्हें ये भी याद दिला रहा था कि वो ग़रीबी की रेखा के नीचे हैं.

शांति कभी मोबाइल को देखतीं और कभी ख़ुद को, फिर कहने लगीं, “हम ग़रीब हैं, मोबाइल कहाँ से लाएँ , पेट पालना ही मुश्किल है. अब तक हम फ़ोन के लिए पड़ोसियों का मुँह ताकते थे.”

राजस्थान में बीपीएल परिवारों की तादाद 25 लाख से ज़्यादा है. ऐसे में इन 3000 लोगों का ही चयन क्यों किया गया और योजना का आकार क्या होगा, बीएसएनएल के अधिकारी इन सवालों का जवाब नहीं दे पाए.

वहाँ मौजूद बीएसएनएल के अध्यक्ष गोपाल दास इतना भर कह पाए कि ये काम बीएसएनएल के सामाजिक दायित्व का हिस्सा है.

इन लाभान्वितों में कोई बेवा थी तो कोई अपाहिज.

सायर पैरों से लाचार हैं. वो कहती हैं, “हम जैसे लोगों के लिए ये सचमुच बड़ी मदद है.”

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