आईआईटी में होगी मेडिकल की पढ़ाई

कपिल सिब्बल
Image caption कपिल सिब्बल आईआईटी के प्रवेश को कोचिंग से मुक्त करना चाहते हैं

अपने उम्दा इंजीनियरों के लिए मशहूर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (आईआईटी) अब मेडिकल की डिग्री भी देंगे.

इसके अलावा फ़ैसला किया गया है कि अब आईआईटी में विदेशी शिक्षकों को नियमित रुप से नियुक्त किया जा सकेगा और विदेशी छात्रों को पोस्ट ग्रैजुएट स्तर पर प्रवेश मिल सकेगा.

मानव संसाधन मंत्री की मौजूदगी में आईआईटी परिषद की बैठक में ये निर्णय लिए गए.

इस बैठक के बाद मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने पत्रकारों को बताया कि आईआईटी में मेडिकल की पढ़ाई के लिए आईआईटी के अधिनियम में परिवर्तन किया जाएगा और इसके लिए भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) से औपचारिक अनुमति भी ली जाएगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं जब भी मेडिकल की किसी डिग्री के बारे में बात हो तो क़ानून के अनुसार उसके कोर्स सामग्री का एमसीआई के अनुमोदन करवा लिया जाए."

हालांकि ऐसे मामलों में एमसीआई के अनुमोदन की ज़रुरत नहीं होगी जिसमें तुलनात्मक विषयों में शोध का कोई काम होगा या ऐसा कोई अध्ययन होगा जिससे डिग्री कोर्स का ताल्लुक़ नहीं होगा.

कपिल सिब्बल ने कहा, "ज्ञान को सीमाओं में बाँधकर नहीं रखा जा सकता."

कोचिंग से छुटकारा

उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी है कि आईआईटी में दाख़िले के लिए कोचिंग पर निर्भरता खत्म होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बैठक में आईआईटी-जेईई में दाखिले की परीक्षा पद्धति बदलने पर चर्चा की गई.

उन्होंने कहा कि इस बात पर सहमति बनी कि छात्रों पर से वित्तीय और मनोवैज्ञानिक दबाव कम करने के लिए रास्ता खोजा जाना चाहिए लेकिन यह कैसे होगा इसका प्रारूप तय करने के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव रामस्वामी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करके इसे तीन माह में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है.

सिब्बल ने कहा, "हम देश भर में सैकड़ों परीक्षाओं के दबाव को समाप्त करना चाहते हैं."

इस बैठक में आईआईटी को होने वाली फंडिंग के बारे में भी बात हुई.

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