संदिग्ध माओवादियों को 'प्रताड़ित' किया

भारतीय सुरक्षा बल
Image caption भारतीय सुरक्षा बल के जवान पर आदिवासियों के ऊपर प्रताड़ना के आरोप है

छत्तीसगढ़ में माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान में शामिल भारतीय सुरक्षा बलों पर लगे प्रताड़ना के आरोपों की जाँच हो रही है.

आदिवासियों से पूछताछ के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के जवान कथित रूप से उनके साथ मारपीट करते हैं और उन्हें बिजली के झटके देते हैं.

बीएसएफ़ के महानिदेशक रमन श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले में अंदरूनी जाँच चल रही है.

छत्तीसगढ़ को माओवादियों का गढ़ माना जाता है और उनके ख़िलाफ़ अभियान में बड़ी संख्या में भारतीय पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान लगे हुए हैं.

हाल के महीनों में माओवादियों ने पुलिस बलों के ऊपर कई हमले किए हैं. अप्रैल महीने में दांतेवाड़ा ज़िले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 76 जवान मारे गए थे.

उल्लेखनीय है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माओवादियों को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताया है.

बीएसएफ के महानिदेशक ने 'द हिंदू' अख़बार को बताया कि यदि उनके दल में शामिल कोई ग़लती करते पाया जाता है तो उसे 'कड़ी से कड़ी सज़ा' दी जाएगी.

बीएसएफ़ की हिरासत में

कांकेर ज़िले के पाचंगी और अलूर गाँव के लोगों ने जवानों के ख़िलाफ़ प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं.

'द हिंदू' ने अलूर के एक निवासी सुनीता के हवाले से लिखा है कि बीएसएफ़ के दुर्गकोंडल कैंप में पाँच सितंबर को आँखों पर पट्टी बांध कर उन्हें बिजली के झटके दिए.

सुनीता के मुताबिक सुरक्षा बलों ने उसे आंतकवादी और माओवादी कहा और बल पूर्वक उससे अपराध कुबूल करवाने की कोशिश की.

अखबार के मुताबिक चार दिनों के बाद सुनीता को रिहा कर दिया गया लेकिन उनकी 16 वर्षीय बहन सरिता अभी भी बीएसएफ़ की हिरासत में है.

सरिता पर पिछले महीने हुए माओवादी हमले में शामिल होने का आरोप है.

हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को ख़ारिज किया. अन्य समाचार पत्र 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने कांकेर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अजय यादव के हवाले से लिखा है, "पाचंगी और अलूर के निवासी माओवादियों को समर्थन देते रहे हैं और उन्हें खाना मुहैया कराते रहे हैं."

अजय यादव के मुताबिक, "हमारे पास यह जानकारी है कि हमले की रात के पहले माओवादी यहाँ आकर रूके थे. "

माओवादियों के खिलाफ़ चलाए जा रहे सरकारी अभियान के तहत कांकेर ज़िले में बीएसएफ़ के जवान तैनात किए गए है.

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