बिहार में तीन ज़िलों को बाढ़ से ख़तरा

गंडक का तटबंध टूटा
Image caption बिहार के गोपालगंज, सारण और सिवान ज़िलों में 50 गांवों से लोग पलायन कर रहे हैं.

बिहार में गंडक नदी का तटबंध टूटने से राज्य के तीन ज़िलों में एक लाख से भी अधिक की आबादी पर बाढ़ का संकट आया हुआ है.

गोपालगंज, सारण (छपरा) और सिवान ज़िले के लगभग 50 गाँवों से पलायन कर रहे हज़ारों लोग जानमाल की सुरक्षा के लिए ऊँचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं. गोपालगंज ज़िले में 28 गांवों के 18 हज़ार लोग सैलाब से घिर चुके हैं.

गंडक नदी के मुख्य तटबंध और ‘सपोर्ट रिंग बांध’ को टूटने से बचाने के लिए गोपालगंज ज़िले में एक हफ़्ते तक प्रशासन और स्थानीय लोगों ने काफी संघर्ष किया था.

आख़िरकार आपात स्थिति में बनाया गया सुरक्षा बाँध भी टूट गया. अब नदी का जल-प्रवाह गोपालगंज ज़िले के बरौली समेत 5 प्रखंडों को अपनी चपेट में लेता हुआ सारण और सिवान ज़िले की तरफ तेज़ी से बढ़ चुका है.

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 के ऊपर से पानी बह रहा है.

हालात का जायज़ा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को वहाँ हालात का जायज़ा लेने हेलीकॉप्टर से गए.

पटना लौटने पर उन्होंने कहा कि "यहाँ भी कोसी बाढ़ त्रासदी की तरह मेगाकैम्प लगाकर राहत कार्य चलाए जाएँगे. वैसे अभी हालात काबू में हैं और पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं."

राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी मिश्र ने बीबीसी को बताया कि "एक हज़ार क्विंटल अनाज के अलावा 1500 टेंट और कई मोटर बोट वहाँ भेज दिए गए हैं.

साथ ही प्रशिक्षित होमगार्ड और नैशनल डिज़ास्टर रेस्पॉंस फ़ोर्स (एनडीआरएफ़) की आठ इकाइयों को बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है."

स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इस बाढ़ से वहाँ जान-माल का भारी नुकसान इसलिए नहीं होगा क्योंकि तटबंध टूटने की आशंका पहले से ही होने के कारण लोगों ने सुरक्षा के उपाय ढूँढ़ने शुरू कर दिए थे.

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