सर्वदलीय समिति के सदस्य मिले गिलानी से

प्रतिनिधिमंडल

भारत प्रशासित कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मिलने कश्मीर के दौरे पर गए सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल के कुछ सदस्य उनके घर पहुँचे.

गिलानी ने सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल की बैठक में शामिल होने से इंकार किया था.

गिलानी के घर जानेवालों में सीताराम यचुरी और टी आर बालु के अलावा असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं.

भारत प्रशासित कश्मीर के पृथकतावादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के मीरवाइज़ और गिलानी दोनों धड़ों और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट (जेकेएलएफ़) ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से न मिलने का फ़ैसला किया हुआ था.

हुर्रियत नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ और जेकेएलएफ़ नेता यासीन मलिक ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को एक ज्ञापन सौंपने का निर्णय किया था.

दोनों नेताओं ने कहा कि जब भी गंभीर समस्या उत्पन्न होती है तो इसका तात्कालिक हल निकालने की कोशिश होती है जबकि वो चाहते हैं कि समस्या का स्थायी समाधान हो जो सभी पक्षों को मान्य हो.

ज्ञापन में उन्होंने कश्मीर के लिए एक सर्वदलीय समिति गठित करने का सुझाव दिया जो सभी पक्षों से बात करे.

ग़ौरतलब है कि दिल्ली से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भारत प्रशासित कश्मीर के दौरे पर है. केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम इस दल के साथ गए हैं.

ये प्रतिनिधिमंडल पिछले तीन महीनों से हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ़्यू का सामना कर रहे कश्मीर में स्थिति का जायज़ा ले रहा है और वहाँ सभी राजनीतिक दलों और अलगाववादी नेताओं से चर्चा करने का प्रयास कर रहा है.

15 सितंबर को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीर की स्थिति पर विचार करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और इसी बैठक में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वहाँ भेजने का निर्णय लिया गया था.

हालांकि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वहाँ सभी राजनीतिक दलों और अलगाववादी नेताओं से बात करना चाहता है लेकिन अलगाववादी नेता इस बातचीत के लिए उत्सुक नहीं नज़र आए.

उल्लेखनीय है कि गत जून से भारत प्रशासित कश्मीर में आज़ादी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरु हुए थे. इन हिंसक प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों की गोलीबारी से अब तक सौ से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं और कई अन्य घायल हुए हैं.

इन तीन महीनों में घाटी अमूमन बंद ही रही है, कभी प्रदर्शनकारियों के बंद की वजह से तो कभी कर्फ़्यू की वजह से.

इसके पहले हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने भी इस प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था.

उनका कहना था कि इस प्रतिनिधिमंडल के पास भारतीय संविधान से बाहर जाकर कश्मीर समस्या हल करने के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है इसलिए वे प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे.

प्रतिनिधिमंडल

इस प्रतिनिधि मंडल में भारतीय जनता पार्टी की ओर से सुषमा स्वराज और अरुण जेटली शामिल हुए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व मुलायम सिंह यादव, डीएमके का टीआर बालू, लोकजनशक्ति पार्टी का रामविलास पासवान, जनता दल युनाइटेड का शरद यादव और राष्ट्रीय जनता दल का प्रतिनिधित्व राजनीति प्रसाद ने किया.

इसके अलावा इसमें तृणमूल कांग्रेस से दिनेश त्रिवेदी, एनसीपी से गोविंद राव आदिक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग से ई अहमद, सीपीएम से बासुदेव आचार्य, सीपीआई से गुरुदास दासगुप्ता, फ़ॉर्वर्ड ब्लॉक से नरहरि महतो और आरएसपी से प्रशांतो मजूमदार आदि हैं.

जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चला रही नेशनल कॉन्फ़्रेंस का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने किया.

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