अमरीका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने चेताया

दिल्ली में जामा मस्जिद के पास ताइवान के नागरिकों पर गोलीबारी के बाद अमरीका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने भारत में अपने नागरिकों को सचेत रहने की सलाह दी है.

अमरीका ने अपने नागरिकों के लिए जारी 'ट्रैवल एडवाइज़री' में कहा है कि वो स्थिति पर नज़र रखें.

अमरीका ने सलाह दी है, ''अमरीकी नागरिक सुरक्षा के प्रति सचेत रहें, स्थिति पर नज़र रखें और अपनी पहचान को ज्यादा प्रगट न करें.''

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने तीन से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली में चरमपंथी हमले की आशंका जताई है. ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामलों एवं व्यापार विभाग ने दिल्ली की जामा मस्जिद के पास रविवार को हुई फ़ायरिंग की घटना के बाद नए सिरे से 'ट्रैवल एडवाइस' जारी कर कहा है कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान चरमपंथी हमले की आशंका है.

ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों को सूचित किया है कि भारत में चरमपंथी हमले की आशंका है.

ब्रिटेन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि चरमपंथियों ने पहले भी सार्वजनिक स्थलों जैसे रेस्टोरेंट, होटलों, रेलवे स्टेशन, बाज़ारों और पूजास्थलों को निशाना बनाया है.

सतर्क रहने की सलाह

इसमें पुणे का हवाला दिया है और कहा है कि वहाँ विदेशियों को निशाना बनाया गया था और कहा है कि वो सतर्क रहें.

ग़ौरतलब है कि रविवार को दिल्ली में अज्ञात बंदूकधारियों ने जामा मस्जिद के बाहर पर्यटकों की एक बस पर गोलियाँ चलाई थीं जिसमें ताइवान के दो नागरिक घायल हो गए थे.

इस घटना के बाद बीबीसी हिंदी को भेजे गए एक ई-मेल में ख़ुद को इंडियन मुजाहिदीन बताने वाले एक संगठन ने सीधे इस घटना का ज़िक्र किए बिना 'भारत प्रशासित कश्मीर में मारे जा रहे निर्दोष लोगों का हवाला देते हुए दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों के बारे में चेतावनी दी थी.'

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि इस घटना में किसी चरमपंथी संगठन का हाथ होने से इनकार करते हुए कहा कि ये किसी आपराधिक गुट का काम लगता है.

उनका कहना था, ''ये पुलिस को निशाना बना रहे थे. किसी चरमपंथी संगठन का इसमें हाथ नहीं लगता है.''

ग़ौरतलब है कि दिल्ली में दो हफ़्ते बाद राष्ट्रमंडल खेल शुरु हो रहे हैं और राजधानी में अनेक विदेशी नागरिकों के पहुँचने की संभावना है.

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