स्क्वॉड्रन लीडर पुज्जी नहीं रहे

स्क्वॉड्रन लीडर पुज्जी
Image caption स्क्वॉड्रन लीडर महिंदर सिंह पुज्जी को विशिष्ठ 'फ़्लाइंग क्रॉस' ने भी नवाज़ा गया था.

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लड़ाकू विमान उड़ाने वाले भारतीय पायलट महिंदर सिंह पुज्जी की मृत्यु हो गई है. वो 92 वर्ष के थे.

स्क्वॉड्रन लीडर पुज्जी की मौत शनिवार सुबह केंट के डैरेंट वैली हॉस्पिटल में दिल का दौरा पड़ने से हुई.

स्क्वॉड्रन लीडर महिंदर सिंह पुज्जी 1940 में ब्रिटेन पहुँचे 24 भारतीय लड़ाकू पायलटों में से एक थे.

माना जा रहा है कि उस दल के बाक़ी सदस्यों की मृत्यु पहले ही हो चुकी है.

युद्ध का अनुभव

द्वितीय विश्व युद्ध के समय पुज्जी 'हॉकर हरिकेन' उड़ाया करते थे. कई बार उनका जहाज़ क्रैश भी हुआ लेकिन पुज्जी हर बार बच गए.

बाद में बर्मा में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें विशिष्ठ 'फ़्लाइंग क्रॉस' ने भी नवाज़ा गया.

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पुज्जी ने ब्रिटेन, यूरोप, उत्तरी अफ़्रीका और मध्य पूर्व में लड़ाकू विमान उड़ाए थे.

इस साल उन्होंने 'फ़ॉर किंग एंड अनदर कंट्री' नाम से एक क़िताब लिखी जिसमें उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के समय के अपने संस्मरणों का ज़िक्र किया.

युद्ध के बाद स्क्वॉड्रन लीडर पुज्जी ने भारत में एक चैंपियन पायलट के तौर पर अपनी जगह बनाई और ग्लाइडर उड़ाने में रेकॉर्ड स्थापित किया.

बाद में वो केंट के ग्रेभसेंड में बस गए थे.

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