कश्मीर: स्कूल खुले, बच्चे नदारद

कश्मीर

पृथकतावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की 10 दिन के आंदोलन की घोषणा के बीच भारत प्रशासित कश्मीर में सोमवार से स्कूल खुल गए हैं लेकिन अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा है.

गिलानी ने शिक्षकों और अभिभावकों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजने को कहा था.

श्रीनगर के सरकारी स्कूल एसपी हायर सेकेंडरी स्कूल में लगभग तीन हज़ार बच्चे हैं लेकिन उसमें केवल 40 बच्चे ही आए थे. अधिकतर ये बच्चे 12वीं कक्षा के थे.

एक बच्चे ने बताया कि वो छह किलोमीटर दूर हवल इलाक़े से आया था. वो स्कूल की यूनीफॉर्म पहने था और स्कूल आते वक्त उस पर कुछ लोगों ने फब्तियाँ कसीं और पत्थर उछाले.

इस स्कूली छात्र का कहना था कि उसे कहीं भी सरकारी बसें नहीं मिलीं.

स्कूल के प्रिंसीपल अब्दुल खालिक़ ने दावा किया कि स्कूल का 70 फ़ीसदी स्टॉफ उपस्थित है.

इसी तरह लड़कियों के सरकारी स्कूल कोठीबाग में लगभग तीन हज़ार छात्राएँ पढ़ती हैं लेकिन वहाँ लगभग सौ छात्राएँ ही मौजूद थीं.

इसके पहले रविवार को भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के शिक्षा मंत्री पीरज़ादा मोहम्मद सईद ने घोषणा की थी कि कश्मीर घाटी के स्कूल सोमवार से सामान्य रूप से खुल जाएँगे.

सुरक्षा पर आश्वासन

उल्लेखनीय है कि पिछले तीन महीनों से जारी प्रदर्शनों और उसके दौरान उपजी हिंसा के मद्देनज़र घाटी के शिक्षण संस्थान नियमित तौर पर नहीं चल पाए हैं हालाँकि किसी ने इनके बंद किए जाने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी.

शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों को आश्वासन दिया था कि सरकार ने बच्चों के स्कूल पहुँचाने की पूरी व्यवस्था की है और वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना शुरू कर दें.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें पुलिस और प्रशासन के लोग भी शामिल थे.

उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों और शिक्षकों के पहचान पत्र और यूनिफार्म को कर्फ़्यू पास की तरह मानें.

उनका कहना था कि प्रशासन श्रीनगर के ग्यारह रूट्स पर छात्रों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए विशेष बसें चलाएगा.

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