हाईकोर्ट के फ़ैसले को लेकर हाई अलर्ट

इलाहाबाद में रैपिड एक्शन फ़ोर्स का एक जवान

अयोध्या मामले पर 30 सितंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फ़ैसले के मद्देनज़र पूरे भारत में सुरक्षा व्यवस्था सख़्त की जा रही है. उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

'मायावती के कड़ी सुरक्षा के आदेश'

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय को फ़ैसला टालने के निर्देश देने की अपील की गई थी. इसी के साथ हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ के लिए रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर फ़ैसला सुनाने का रास्ता साफ़ हो गया है.

अयोध्या: याचिका ख़ारिज, फ़ैसला गुरुवार को

समाचार एजेंसियों के अनुसार फ़ैसले से तनाव फैलने की आशंका को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे संवेदनशील स्थानों में सुरक्षा व्यवस्था का ख़ास ध्यान दें. स्थानीय प्रशासनों से शांति समितियों को सक्रिय करने के लिए क़दम उठाने को भी कहा गया है.

संवेदनशील स्थल

गृह मंत्रालय ने 16 स्थानों को अतिसंवेदनशील के रूप में पहचान की है. इसी तरह 32 शहरों को संवेदनशील बताया गया है.

हाईकोर्ट के फ़ैसले के मद्देनज़र अतिसंवेदनशील राज्यों के रूप में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तरप्रदेश के अलावा तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश की पहचान की है.

विभिन्न पक्ष, क़ानूनी विशेषज्ञ संतुष्ट

थोक मोबाइल संदेशो पर मौजूदा रोक को भी 30 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

हाई कोर्ट का फ़ैसला दो पहले 24 सितंबर को आना था लेकिन सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर फ़ैसले के इंतज़ार में इसकी तिथि आगे खिसकाई गई. लेकिन अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सुरक्षा बल तब से ही अत्यंत सतर्कता की स्थिति में हैं.

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट परिसर, अयोध्या और प्रदेश में अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है.

कर्नाटक, गोवा और बिहार से भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सख़्त बनाए जाने की ख़बरें आ रही हैं.

कर्नाटक और गोवा के कई इलाक़ों में ऐहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है.

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