अयोध्या मामलाः विवादित प्रश्नों पर बीबीसी के जवाब

Image caption अयोध्या में कोर्ट के फ़ैसले को ध्याम में रखते हुए सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं.

भारत के विभाजन के बाद से अबतक, देश के सबसे हिंसक धार्मिक झगड़े की जड़ में अयोध्या से जुड़े जो मामले रहे हैं, उसपर बीबीसी ने एक नज़र डाली है.

झगड़ा किस बात को लेकर है?

अयोध्या में बाबरी मस्जिद को लेकर हिंदू और मुसलमान सदियों से आमने सामने खड़े हैं.

हिंदुओं का दावा है कि मस्जिद की जगह पर उनके भगवान राम का जन्म हुआ था और उस स्थान पर मस्जिद का निर्माण 16वीं शताब्दी में पहले से मौजूद मंदिर को तोड़कर एक मुस्लिम हमलावर ने किया.

विवाद 1992 में अपने चरम पर उस वक्त पहुँच गया जब हिंदुओं की बेक़ाबू भीड़ ने मस्जिद को तोड़ दिया.उसकी प्रतिक्रिया स्वरूप देश भर में फैली साम्प्रदायिक हिंसा में तब कम से कम 2000 लोग मारे गए थे.

कोर्ट के आदेश का मतलब क्या होगा?

Image caption हिंदु कारसेवकों ने 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढाह दिया था

इलाहाबाद हाई कोर्ट तीन सवालों को संबोधित करेगा—

1) क्या विवादित स्थल राम की जन्मभूमि है

2) क्या मस्जिद का निर्माण वहाँ पहले से मौजूद मंदिर को तोड़कर किया गया

3) क्या मस्जिद का निर्माण इस्लाम के क़ायदे क़ानून के हिसाब से किया गया

फ़ैसले के बाद हिंदू उम्मीद करेंगे कि उस स्थल पर मंदिर बने जबकि मुसलमानों की राय है कि मस्जिद का पुनर्निमाण हो.

फ़ैसला जो भी हो, इसकी पूरी संभावना है कि इसे भारत के सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी.ये मामला भारत की अदालत में पहले ही 60 साल से पड़ा हुआ है और इसके ज़्यादातर याचिकाकर्त्ताओं की मृत्यु हो चुकी है.

इसके क्या राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं?

Image caption बाबरी मस्जिद गिरा दिए जाने के बाद उस स्थल पर तंबु में हिंदु पूजा करते हैं.

ये मामला केंद्र में सत्तासीन कांग्रेस पार्टी के लिए दुविधा पैदा कर सकता है.

अगर उसने हिंदुओं के पक्ष में आए फ़ैसले का समर्थन किया तो इस धर्मनिरपेक्ष मानी जानेवाली पार्टी के मुसलमानों से संबंध पर प्रभाव पड़ेगा.

अगर फ़ैसला मुसलमानों के पक्ष में आता है तो उसे हिंदु दलों को आदेश देना पड़ेगा कि वो स्थल को ख़ाली करें.

देश के 80 प्रतिशत आबादी वाले हिंदुओं के ख़िलाफ़ हुआ कोई भी फ़ैसला विपक्षी और हिंदु समर्थक मानी जानेवाली भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक फ़ायदा उठाने का पूरा मौका देगा.

हिंदुओं और मुसलमानों के बीच पिछली बार कब तनाव हुआ था?

फ़रवरी 2002 में अयोध्या से गुजरात लौट रही एक ट्रेन में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. उस ट्रेन में हिंदु कार्यकर्त्ता सवार थे और कथित तौर पर इस ट्रेन में मुसलमानों की भीड़ ने आग लगा दी थी.

इसकी प्रतिक्रिया में गुजरात में जो दंगे भड़के, उसमें 1000 से ज़्यादा लोग मारे गए. इनमें से ज़्यादातर मुसलमान थे.

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