अयोध्या: लाइव टेक्स्ट

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20.00 IST- बाल ठाकरे- उम्मीद है कि इस फ़ैसले के बाद दशकों पुराने विवाद का अंत होगा.

19. 56 IST- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देशवासियों से शांति की अपील की

19. 54 IST- आडवाणी- आज के निर्णय से राष्ट्रीय एकता का नया अध्याय शुरु होगा.

19. 52 IST- आडवाणी- यह राम जन्मभूमि के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है.

19. 51 IST- आडवाणी- कोर कमिटी की बैठक में अयोध्या फ़ैसले पर चर्चा हुई.

19. 50 IST- बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी के घर पर प्रेस कांफ्रेंस

19. 47 IST- प्रशांत भूषण- सुप्रीम कोर्ट में ये फ़ैसला शायद ही ठहर पाएगा.

19.45  IST- प्रशांत भूषण ( वरिष्ठ वकील)- ये अदालती फ़ैसला नहीं है राजनीतिक फ़ैसला है.

19.11  IST- माकपा- इस मसले को सुलझाने के लिए लोकतंत्र में सुप्रीम कोर्ट का प्रावधान है और इसका सहारा लिया जाना चाहिए.

 

 

 

 

 

 

 

 

19.05  IST- प्रवीण तोगड़िया- इस फ़ैसले से देश के सौ करोड़ हिंदुओं की श्रद्धा का सम्मान हुआ है. हम इसका स्वागत करते हैं.

18.50 IST-   नरेंद्र मोदी - जहाँ तक अयोध्या रामजन्मभूमि विवाद का जजमेंट आया है,इस बात की ख़ुशी है कि इस जजमेंट से भव्य राम मंदिर बनाने का रास्ता प्रशस्त हुआ है

 

18.30 IST-  शायद उनका आखिरी हो ये सितम, हर सितम ये सोच कर हम सह गये. इंसाफ की सारी उम्मीदें टूट गयीं. मोहम्मद अतर खान

18.17 IST - यह फैसला भले ही कानूनी दृष्टि से कुछ लोगों को अखरे.पर वास्तविकता यही है कि कोर्ट ने वही कहा है, जो इस विवाद का हल हो सकता था. हेमेन्द्र दिल्ली

18.10 IST- कासिम रसूल इलियास ( मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड)- ये फ़ैसला बैलेंसिंग एक्ट है. मस्जिद का बंटवारा नहीं हो सकता. मुस्लिम भाई सब्र करें. हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

18.05 IST- गिरिराज किशोर ने कहा है कि अब मुसलमानों को गुड-विल का परिचय देते हुए मशुरा और काशी को भी हिंदुओं को सौंप देना चाहिए.

 18.00 IST- मायावती- विवादित ज़मीन केंद्र के कब्ज़े में है इसलिए फ़ैसले के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी भी केंद्र की.

17.50 IST- मायावती मुख्यमंत्री यूपी- लोग शांति बनाए रखें और लोग अफ़वाहों पर ध्यान न दें.

17.45 IST- क़ानून मंत्री वीरप्पा मोयली- पहले हम फ़ैसले की पूरी कॉपी पढ़ेगे फिर अपनी राय दे सकेंगे. क्योंकि चैनलों पर अलग अलग ख़बरें हैं

17.38 IST- तीन हिस्सों में बंटेगा परिसर- एक तिहाई बाबरी कमिटी, एक तिहाई हिंदु गुटों को और एक तिहाई निर्मोही अखाड़ा को

17.35 IST- कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी- हर व्यक्ति कोर्ट के फ़ैसले को पूरे मन से स्वीकार करे. अनुचित व्याख्या न हो.

17.30 IST- ज़फ़रयाब जिलानी ( वकील सुन्नी वक्फ बोर्ड)- हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

17.20 IST- बीजेपी- यह एक सकारात्मक क़दम है

17.19 IST- मोहन भागवत- किसी के दिल को ठेस पहुंचाने वाली बात नहीं की जाए. विजय पराजय की बात नहीं है. मुसलमानों से भी पिछली बाते भूलने का आह्वान करता हूं.

17.18 IST- मोहन भागवत- जो कटुता उत्पन्न हुई है उसे भूल कर राम मंदिर के निर्माण में एकत्र होकर सभी को जुटना चाहिए.

17.18 IST- मोहन भागवत- संघ के सरसंघचालक- ये किसी की जीत या हार नहीं है.

17.15 IST- हाशिम अंसारी- हम फ़ैसले का स्वागत करते हैं. आगे लंबी लड़ाई है.

17.14 IST- हिंदू महासभा के वकील एचएस जैन- हम सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे क्योंकि हमें तीन भागों में ज़मीन बांटना सही नहीं लगा है.

17.12 IST-  बाबरी कमिटी- फ़ैसले से निराश हैं, सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे

17.10 IST- सेंट्रल सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की याचिका ख़ारिज की गई

17.02 IST- कोर्ट- हिंदू धर्म के लोग जहां रामलला है उसे ही राम की जन्मभूमि मानते हैं.

17.01 IST- कोर्ट- राम लला की मूर्तियां ढांचे में 22 और 23 दिसंबर 1949 की रात रखी गईं थीं.

17.01 IST- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार ढांचे के नीचे एक बड़ा हिंदू धार्मिक ढांचा था.

17.00 IST- कोर्ट- विवादित ढांचे के नीचे एक पुराना ढांचा है जिसे तोड़कर नया ढांचा या मस्जिद बनाई गई.

16.59 IST- कोर्ट- बाबर ने ढांचा बनवाया लेकिन ये इस्लाम के उसूलों के ख़िलाफ़ था इसलिए इसे मस्जिद नहीं माना जा सकता.

16.55 IST- परिसर में यथास्थिति तीन महीने तक बरकरार रखी जाए- कोर्ट

16.53 IST- ज़फरयाब जिलानी ने कहा है कि वो आंशिक रुप से अंसुतष्ट हैं.

16.51 IST- दो जजों की राय में मुस्लिमों को एक तिहाई ज़मीन मिलनी चाहिए.

16.50 IST- जस्टिस खान की राय में दोनों पक्षों को एक तिहाई एक तिहाई ज़मीन मिले और इसमें ध्यान रखा जाए कि जहां रामलला हैं वो हिंदुओं को मिले.

16.44 IST- जस्टिस अग्रवाल की राय- रामलला जहां विराजमान थे वो हिंदुओं को दिया जाए, जहां सीता  की रसोई और राम चबूतरा निर्मोही अख़ाड़ा और जहां मुस्लिम नमाज पढ़ते थे वो मुस्लिमों को दिया जाए.

16.43 IST- धर्मवीर शर्मा की राय में पूरा परिसर हिंदुओं को दिया जाए.

16.41 IST- जस्टिस धर्मवीर शर्मा और एस अग्रवाल की राय- जहां रामलला विराजमान थे वो हिंदुओं को मिलना चाहिए.

16.40 IST- फ़ैसला बहुमत से किया गया.

16.38 IST- तीन हिस्से होंगे- रामलला जहां विराजमान हैं वो हिंदुओं को, बाहर का परिसर- मुस्लिम गुटों को और तीसरा इलाक़ा निर्मोही अखाड़ा को ( वकील रविशंकर प्रसाद)

16.35 IST- रघुवर दास के वकील रविशंकर प्रसाद- जहां रामलला विराजमान हैं वही हिंदूओं के लिए देवतुल्य है ऐसा कोर्ट ने कहा है

16.32 IST- फ़ैसला हज़ारों पन्नों का है जिसे पढ़ने में समय लगेगा. अगले तीन महीने तक यथास्थिति रहेगी (केएन भट्ट, वकील)

16.31 IST- सुन्नी वक्फ़ बोर्ड का मामला ख़ारिज किया गया.

16.30 IST- विवादित मस्जिद का इलाक़ा और राम चबूतरा हिंदू गुटों  को ( बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी)

16.30 IST-  प्रभावित पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं- हाई कोर्ट

16.30 IST- तीन जजों की पीठ ने फ़ैसला बहुमत के आधार पर दिया है.

16.30 IST- विवादित मस्जिद का इलाक़ा और राम चबूतरा हिंदू गुटों  को ( बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी)

16.25 IST - सुन्नी वक्फ़ बोर्ड का केस ख़ारिज किया गया.

16.15 IST- देश के कई शहरों में फ़ैसले का इंतज़ार.

16.12 IST- सुरक्षा मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक भी होनी है, अयोध्या के फ़ैसले पर चर्चा की संभावना.

16.10 IST- फ़ैसला कुछ देर में आएगा उसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विहिप की प्रेस कांफ्रेंस दिल्ली में.

16.07 IST- ये सारी ज़मीन तब तक सरकार के पास रहेगी जब तक अंतिम फ़ैसला नहीं हो जाता.

16.05 IST- फिलहाल सारी ज़मीन केंद्र सरकार और सुरक्षाबलों के पहरे में है.

15.55  IST- 1994 में कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण को वैध ठहराकर मामला हाई कोर्ट को भेज दिया.

15.55  IST- आगे चलकर केंद्र सरकार ने इमारत के आसपास की ज़मीन अधिगृहीत कर ली ताकि मंदिर-मस्जिद दोनों बन सके

15.48  IST- छह दिसंबर 1992 के दिन उग्र कारसेवकों ने विवादित इमारत या मस्जिद ढहा दी.

15.45 IST- अयोध्या में राममंदिर को लेकर व्यापक मुहिम शुरु की गई.बीजेपी नेता आडवाणी के नेतृत्व में.

15.41 IST- 1989 में आम चुनाव से पहले विहिप ने शिलान्यास की मुहिम शुरु की और मस्जिद से 200 फुट दूर शिलान्यास भी हुआ.

15.40  IST- 1984 में मामले ने तूल पकड़ा और 1986 में इमारत का ताला खोलने की अनुमति दी गई.

15.39  IST- 1961 में सुन्नी मुस्लिम सेंट्रल वक्फ़ बोर्ड ने इसे मस्जिद घोषित करते कोर्ट से कब्ज़ा मांगा.

15.38  IST- 1959 में निर्मोही अखाड़ा ने विवादित इमारत को राम मंदिर बताते हुए कोर्ट से कब्ज़ा मांगा.

15.36  IST- 1955 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इमारत विवादित होने की पुष्टि कर दी.

15.35  IST- 1949 में पहली बार बाबरी मस्जिद की इमारत को विवादित घोषित कर कुर्क किया गया.

15.30  IST- सभी राजनीतिक दलों ने शांति की अपील की है.

15.25  IST- दुनियाभर के मीडियाकर्मी हाईकोर्ट के बाहर. कड़ी सुरक्षा.

15.23  IST- मुवक्किल और वकीलों के मोबाइल बाहर रखवा दिए गए हैं.

15.21  IST- मुक़दमे से जुड़े वकील और उनके मुवक्किल कोर्ट नंबर 21 में फैसला सुनाने के लिए अन्दर गए.

15.14  IST- अयोध्या में बाबरी मस्जिद का मामला पुराना है लेकिन पहला मामला 1949 में दायर हुआ था.

15.07 IST- एसयू खान खंडपीठ की अध्यक्षता करेंगे. वो सबसे वरिष्ठ जज हैं.

15.04 IST- एसयू खान, सुधीर अग्रवाल और धर्मवीर शर्मा की खंडपीठ फ़ैसला करेगी

15.02 IST- तीन जजों के फ़ैसले की अलग अलग प्रतियां दी जाएंगी.

15.01 IST- लखनऊ के ज़िलाधीश और पुलिस महानिदेशक मीडिया को जानकारी देंगे.

15.00 IST- मीडिया के लिए फ़ैसले की प्रतियां लखनऊ में दी जाएंगी.

14.56 IST- पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, नेताओं ने शांति की अपील की

14.54 IST-  कुछ ही देर में बाबरी मस्जिद मामले में फ़ैसला सुनाया जाएगा

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