रोवनजीत मामले में प्रिंसिपल गिरफ़्तार

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Image caption भारत के स्कूलों में अक्सर बच्चों की पिटाई होती है जो क़ानूनी रुप से अब जुर्म हो गया है.

कोलकाता के एक स्कूली बच्चे रोवनजीत रावला की मौत के सात महीने बाद उसके स्कूल के प्रिंसिपल और तीन शिक्षकों को गिरफ़्तार किया गया है.

संयुक्त पुलिस आयुक्त दमयंती सेन ने बताया कि प्रिंसिपल सुनिरमल चक्रवर्ती और शिक्षक गरनियन, पार्थो दत्ता और डेविड राउन को सोमवार की सुबह गिरफ़्तार किया गया है.

इन सभी पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं.

कक्षा आठवीं में पढ़ने वाले रोवनजीत रावला को कथित रुप से प्रिंसिपल ने छड़ी से पीटा जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली थी.

रोवनजीत की मौत के बाद उसके पिता ने स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों के ख़िलाफ़ शिकायत की थी कि उन्होंन रोवनजीत की पिटाई की जो नियमों के अनुसार ग़लत है.

बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बने राष्ट्रीय आयोग ने इस मामले में जून में जांच की थी जिसमें स्कूल और शिक्षकों को दोषी पाया गया और उन्हें निलंबित करने की सिफारिश की.

इन गिरफ़्तारियों का स्वागत करते हुए रोवनजीत के पिता अजय रावला ने कहा कि वो इसका स्वागत करते हैं और अधिकारियों के शुक्रगुज़ार हैं कि उन्होंने इस मामले को दबने नहीं दिया.

उनका कहना था, ‘‘हम बस ये प्रार्थना कर रहे थे कि जिन्होंने भी हमारे बच्चे पर अत्याचार किया और उसके साथ इतना ख़राब सलूक किया उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए. क़ानून के हिसाब से. यह एक नज़ीर हो ताकि कोई और ऐसी ग़लती न करे.’’

आयोग के एक सदस्य अशोक अग्रवाल के अनुसार बच्चे की आत्महत्या और उसकी छड़ी से पिटाई में बिल्कुल सीधा संबंध हैं इसलिए गिरफ़्तारी पहले ही होनी चाहिए थी.

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