हाशिम अंसारी को जान का ख़तरा

हाशिम अंसारी
Image caption हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद का मुकदमा पिछले 60 सालों से लड़ रहे हैं

बाबरी मस्जिद मुक़दमे से जुड़े सबसे उम्रदराज़ मुद्दई हाशिम अंसारी ने कहा है कि उनकी जान को खतरा है.

बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने इस मामले को शांति से सुलझाने के लिए दूसरे पक्षों से बात चीत की शुरूआत की तो ''ख़ुदबख़ुद बाबरी मस्जिद के मुद्दई बने बैठे'' कुछ लोगों को अपनी आमदनी और राजनीति ख़त्म होती दिख रही है.

ये लोग अब उन्हें धमकी दे रहे हैं और उनकी हत्या की साज़िश कर रहे हैं.

नब्बे साल के अयोध्या निवासी हाशिम अंसारी चंद दिनों पहले अखिल भारतीय अखा़डा़ परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास से मिले थे.

हाल के दिनों में हाशिम अंसारी बार बार कहते रहे हैं कि इस मामले को इलाहाबाद (हाई कोर्ट) से आगे नहीं ले जाया जाना चाहिए, वरना इस मामले पर राजनीति एक बार फिर ज़ोर पकड़ेगी जो देश के लिए अच्छा नहीं होगा.

उनका कहना था कि इस मामले पर भाजपा, कांग्रेस और दूसरे दलों ने भी राजनीति की है.

उन्होंने कहा कि यह ग़लत समझा जा रहा है कि वह इस मामले पर बिना किसी राय मशवरे के फै़सला ले लेना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि महंत ज्ञानदास के साथ बातचीत के बाद जो भी फै़सला होगा उसे मुसलमानों की एक पंचायत बुलाकर उनके सामने रखा जाएगा और फिर वक्फ़ बोर्ड और दूसरी संस्थाओं की राय ली जाएगी.

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