संकट में कर्नाटक की येदुरप्पा सरकार

येदुरप्पा
Image caption येदुरप्पा ने इस संकट के लिए कांग्रेस और जेडीएस को दोषी ठहराया है.

कर्नाटक में सरकार में शामिल कम से कम 19 विधायकों ने अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा की है जिससे वहाँ भाजपा की येदुरप्पा सरकार अल्पमत में आ गई है.

बाग़ी विधायकों का कहना है कि बीएस येदुरप्पा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप बढ़ते जा रहे हैं और सरकार का भविष्य संकट में हैं.

मंत्रिमंडल में बग़ावत की आशंका के बीच मुख्यमंत्री येदुरप्पा ने चार विधायकों को निष्कासित कर दिया है.

दक्षिण भारत में पहली बार सत्ता में आई येदुरप्पा सरकार से कहा गया है कि वो 11 अक्टूबर को सदन में बहुमत साबित करे.

इस बीच संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री के क़रीबी और मंत्रिमंडल में महत्त्वपूर्ण पदों पर काबिज़ मंत्री इन विधायकों को मनाने में जुट गए हैं. सरकार का दावा है कि कोई भी विधायक भाजपा को छोड़कर नहीं जाएगा और सांसद अपनी चिट्ठी वापस ले लेंगे.

विपक्ष पर आरोप

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) पर आरोप लगाया है कि वो राज्य की भाजपा सरकार को अस्थिर बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

पद से बर्ख़ास्त किए गए चारों विधायक निर्दलीय उम्मीदवार हैं जिन्होंने 2008 में हुए चुनावों में भाजपा को बहुमत न मिलने पर सरकार को समर्थन दिया था.

लग़ातार बदलते घटनाक्रम के बीच येदुरप्पा ने विधायकों के निष्कासन के बाद कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज से सिफ़ारिश की है कि शिवराज थंगाडागी, वेंकटरामनप्पा, पीएम नरेंद्रस्वामी और डी सुधाकर को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया जाए.

येदुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक के लोगों ने उन्हें चुना और सरकार बनाने का अधिकार दिया, ज़रूरत पड़ने पर उनकी सरकार सदन में बहुमत साबित करेगी.

येदुरप्पा ने सरकार पर इस संकट के लिए सीधे तौर पर जेडीएस और देवेगौडा परिवार को दोषी ठहराया है.

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