राहुल के बयान पर बवाल

राहुल गांधी
Image caption राहुल गांधी के बयानों ने पहले भी विवाद खड़ा किया है

कांग्रेस महासचिव और सांसद राहुल गांधी के बयान ने एक बार फिर विवाद पैदा कर दिया है.

इस बार उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडियन (सिमी) से की है.

बुधवार को उन्होंने मध्यप्रदेश में कहा कि आरएसएस और सिमी दोनों ही कट्टरपंथी विचारधारा के पोषक हैं.

उनके इस बयान के बाद आरएसएस और भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

आरएसएस ने उन्हें इस तरह के 'निरर्थक बयान देने से पहले' भारत को समझने की सलाह दी है तो भाजपा ने उन्हें अपरिपक्व कहा है.

जगह नहीं

युवक कांग्रेस के चुनावों के सिलसिल में मध्यप्रदेश की यात्रा पर गए राहुल गांधी से जब इस बयान पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसमें विवादास्पद कुछ भी नहीं है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जब उनसे पूछा गया कि सिमी एक प्रतिबंधित संगठन है और आरएसएस पर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है, तो उन्होंने कहा कि इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता.

उनका कहना था, "दोनों संगठन कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा देते हैं और इस तथ्य को झुठलाया नहीं जा सकता."

उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी सोच वाले युवाओं के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है.

कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के बयान को सही ठहराते हुए कहा है कि आज भले की आरएसएस पर प्रतिबंध न हो लेकिन उस पर पहले तीन बार प्रतिबंध लग चुका है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने कहा, "हाल के दिनों में कुछ आतंकवादी गतिविधियों की वजह से सिमी पर प्रतिबंध है लेकिन वह मालेगाँव का मामला हो या अजमेर में विस्फोट का संघ के कुछ निकटवर्ती लोगों या संघ को अपने आदर्श की तरह देखने वाले लोगों का नाम इन आतंकवादी गतिविधियों में आया है."

उनका कहना था कि राहुल गांधी ने जो कुछ कहा है वह इस इतिहास के आधार पर ही है.

तीखी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी के इस बयान पर पर आरएसएस और भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव ने कहा, "इस तरह के निरर्थक बयान से पहले अपनी जानकारी दुरुस्त कर लेनी चाहिए. उन्हें आरएसएस और प्रतिबंधित संगठन के बीच अंतर का पता होना चाहिए और उन्हें कांग्रेस के बारे में भी जानकारी हासिल करनी चाहिए, जिस पर पिछले छह दशक में रूढ़ीवादी होने के आरोप लगते रहे हैं."

उन्होंने कहा, "इटली को, कोलंबिया को समझना पर्याप्त नहीं है उन्हें भारत के समाज को भी समझना चाहिए और यहाँ चलने वाले संघ जैसी दूसरी गतिविधियों को समझकर बोलना चाहिए."

दूसरी ओर भाजपा भी इस बयान से नाराज़ हुई है.

पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "राहुल गांधी ने एक राष्ट्रवादी संगठन और आतंकवादी संगठन की तुलना की है, इसकी हम भर्त्सना करते हैं."

उन्होंने कहा, "सिमी और आरएसएस की तुलना केवल ग्रसित मानसिकता ही कर सकती है."

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिमी पर एनडीए की सरकार ने प्रतिबंध लगाया था, जिसे यूपीए की सरकार ने जारी रखा. वहीं दूसरी ओर आरएसएस,राष्ट्रवाद की पाठशाला और पचास वर्षों की तपस्या का नाम है.

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