क्रांतिकारी गदर का नया राजनीतिक दल

Image caption पृथक तेलंगाना राज्य की माँग को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है

आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य के लिए चल रहे आंदोलन में एक हलचल पैदा हो गई है.

मशहूर वामपंथी लोक गायक और कलाकार गदर शनिवार को अपना एक नया दल 'तेलंगाना प्रजा फ्रंट' स्थापित करने वाले हैं. माओवादियों के हमदर्द के रूप में मशहूर गदर यूँ तो काफ़ी लंबे समय से तेलंगाना राज्य के पक्ष में आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं और इसके लिए उन्होंने कई बड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं.

लेकिन अब उनकी ओर से एक नए दल की स्थापना ने सभी राजनीतिक दलों में हडकंप मचा दिया है और सभी इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि इस नए दल की रूपरेखा क्या होती है. राजनीतिक हलकों में आम तौर पर ये ही विचार व्यक्त किया जा रहा है कि गदर का ये दल तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विकल्प के रूप में उभरने की कोशिश करेगा और टीआरएस के नेता चंद्रशेखर राव के लिए एक चुनौती बनेगा.

लेकिन गदर ने इससे इनकार किया है और कहा है कि उनके दल से राजनीतिक दलों पर इस बात के लिए दबाव बढ़ेगा कि वे तेलंगाना राज्य की स्थापना के लिए जल्द से जल्द संसद में एक बिल लाएं. बीबीसी से बात करते हुए गदर ने कहा कि उनका दल तेलंगाना राज्य के लिए संघर्ष करने वाला संगठन होगा जबकि टीआरएस एक राजनीतिक दल है.

उनका कहना था,"हम इस नतीजे पर पहुँचे हैं कि केवल चुनावों से तेलंगाना राज्य प्राप्त नहीं किया जा सकता. उसके लिए संघर्ष की ज़रुरत है और लाखों लोगों को जुटाने की ज़रुरत है." कुछ लोगों को इस बात की भी चिंता है कि गदर के दल की आड़ में माओवादी तेलंगाना के आंदोलन को अपने हाथ में लेने कि कोशिश कर सकते हैं क्योंकि गदर हमेशा से ही माओवादियों के हमदर्द रहे हैं और वो दस वर्ष से भी ज्यादा लंबे समय तक भूमिगत रहे हैं.

लेकिन गदर कहते हैं कि इस तरह की बातें तेलंगाना आंदोलन को बदनाम करने के लिए फैलाई जा रही हैं.

उनका कहना था,''तेलंगाना का आंदोलन लोकतांत्रिक है और अगर माओवादी इसका समर्थन कर रहे हैं तो ये उनका अधिकार है. लेकिन कुछ लोग माओवादियों का नाम लेकर इस आंदोलन को बदनाम करना चाहते हैं और लोगों को डराना चाहते हैं कि पता नहीं क्या हो जाएगा." गदर के इस दल की औपचारिक घोषणा शनिवार की शाम उसी निजाम कॉलेज मैदान पर की जाएगी जहाँ आज से 20 वर्ष पहले भूमिगत जीवन से बाहर आने के बाद गदर ने लाखों लोगों के सामने अपने क्रांतिकारी गीतों और कला का प्रदर्शन किया था.

दरअसल उनके लोक गीत, उनका ख़ास अंदाज़ और उनकी कला ही गदर को इतना लोकप्रिय बनाती है. उनके प्रशंसकों के अनुसार उनके गीत और कला, बंदूक की गोली से भी ज्यादा शक्तिशाली हैं. हड़कंप

गदर का कहना है कि उनके इस फ्रंट में वे सभी संगठन शामिल होंगे जो कई वर्षों से तेलंगाना राज्य के लिए लड़ते रहे हैं. इस घटना पर टीआरएस की चिंता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाय़ा जा सकता है कि चंद्रशेखर राव ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

दरअसल इसके पहले गदर चंद्रशेखर राव का साथ दे चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी को भी ये चिंता है कि गदर की वामपंथी विचारधारा वाली पार्टी उसे तेलंगाना के मुद्दे से राजनीतिक फायदा उठाने से रोक सकती है.

टीआरएस और भाजपा एक दूसरे के निकट आ रहे थे और यह बात उन लोगों के लिए चिंता का कारण थी जो किसी दूसरे विकल्प की तलाश में थे.

इधर कांग्रेस और तेलुगू देशम गदर के इस क़दम से खुश हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शंकर राव को उम्मीद है कि इससे टीआरएस को ही नुक़सान होगा क्योंकि गदर उसके वोट बैंक को बाँटेंगे.

उनको ये भी उम्मीद है कि कांग्रेस को इससे फायदा होगा क्योंकि लोग जानते हैं कि राज्य और केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी होने के नाते कांग्रेस ही तेलंगाना राज्य बना सकती है. तेलुगू देशम के विधायक आर चंद्रशेखर रेड्डी ने कहा कि गदर एक लोकप्रिय कलाकार हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन तेलंगाना के साथ होने वाले अन्याय के विरुद्ध लड़ाई में लगा दिया और उनके इस दल को जनसमर्थन मिलेगा.

साथ ही उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि तेलंगाना की लड़ाई केवल टीआरएस नहीं लड़ रही है बल्कि तेलुगू देशम सहित सभी दलों के लोग इसमें शामिल हैं.

अब जब कि श्रीकृष्ण समिति दो महीने में केंद्र को अपनी रिपोर्ट देने वाली है, अनेक राजनीतिक दल और संगठन इस कोशिश में लग गए हैं कि तेलंगाना राज्य कि स्थापना कि सूरत में उसका लाभ उन्हें ही मिले और केवल टीआरएस या चंद्रशेखर राव ही उसका फायदा न उठा ले जाएँ.

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