मुंडा मंत्रिमंडल में नौ मंत्री और

शपथ लेते हुए अर्जुन मुंडा

झारखंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के क़रीब एक महीने के बाद आख़िर अर्जुन मुंडा ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए नौ नए सदस्यों को शामिल किया है.

जिन नौ सदस्यों ने शपथ ली है उनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के चार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन, जनता दल (यू) के एक और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के एक सदस्य हैं.

लंबे समय के राजनीतिक गतिरोध के बाद अर्जुन मुंडा ने गत 11 सितंबर को शपथ ली थी. उनके साथ झामुमो के हेमंत सोरेन और आजसू के सुदेश महतो ने उपमुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली थी.

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के अनुसार इसके बाद से वे मंत्रिमंडल के गठन का प्रयास कर रहे थे लेकिन राजनीतिक खींचतान में वे सही समीकरण नहीं बिठा पा रहे थे.

ख़बरें हैं कि राजभवन ने भी उन्हें यथाशीघ्र मंत्रिमंडल के विस्तार का सुझाव दिया था.

विस्तार

भाजपा के नेतृत्व में झामुमो और आजसू के साथ मिलकर बनी इस सरकार में मंत्रिमंडल के गठन को लेकर खींचतान स्वाभाविक रुप से चल रही थी क्योंकि छोटी विधानसभा में बहुत से लोगों को मंत्री बनाए जाने का अवसर ही नहीं हैं. नियमानुसार वे अपने अलावा 12 सदस्यों को ही मंत्रिमंडल में शामिल कर सकते हैं.

अर्जुन मुंडा ने झामुमो के चार सदस्यों, हाजी हुसैन अंसारी, मथुरा महतो, चंपई सोरेन और हेमलाल मुरमु को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है.

भाजपा के तीन सदस्यों, विमला देवी, सत्यानंद झा बडुल और वैद्यनाथ राम ने शपथ ली है. इससे पहले अरुण मंडल और नीलकंठ सिंह मुंडा के नाम राजभवन भेजे गए थे लेकिन बाद में उनके नाम हटा लिए गए.

जेडीयू से राजा पीटर और आजसू से चंद्रप्रकाश चौधरी मंत्री बनाए गए हैं.

झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं. लेकिन कांग्रेस के गोपाल नाथ सहदेव की मृत्यु हो जाने से एक सीट खाली है.

इस तरह विधानसभा के सदस्यों की संख्या इस समय 80 है. इनमें से 18-18 सीटें भाजपा और झामुमो के पास हैं, पाँच सीटें आजसू और दो सीटें जेडीयू के पास हैं. सत्तारुढ़ गठबंधन के पास 43 सदस्य हैं.

विपक्ष में कांग्रेस के पास 13, राष्ट्रीय जनता दल के पास पाँच, झारखंड विकास मोर्चा के पास 11, मार्क्सवादी समन्वय समिति के पास एक, सीपीआई एमएल के पास एक सदस्य हैं. छह सदस्य निर्दलीय हैं.

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