दुष्प्रचार से नुक़सान:कलमाडी

सुरेश कलमाडी
Image caption सुरेश कलमाडी के नेतृत्व वाली आयोजन समीति पर उँगलियाँ उठी हैं

राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समीति के मुखिया सुरेश कलमाडी ने कहा है कि आयोजन शुरू होने से पहले हुए दुष्प्रचार से खेलों को नुक़सान हुआ है.

खेलों के शुरू होने के कुछ ही दिन पहले बीबीसी हिंदी को खेल गाँव की कुछ तस्वीरें मिली थी, जिससे वहाँ की बदतर स्थिति का अंदाज़ा होता था. इसके अलावा खेलों के आयोजन के कई महीनों पहले से ही कथित भ्रष्टाचार की खबरें भारतीय और विदेशी मीडिया में प्रमुखता से छपती रही हैं.

आयोजन के दौरान हुई कथित अनियमितताओं की जांच जारी है और ख़ुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खेलों के सफल आयोजन का बीड़ा अपने सर उठाया था.

सुरेश कलमाडी ने मीडिया में आई नकारात्मक ख़बरों से हुए नुक़सान को स्वीकारते हुए कहा, "जी हाँ, खेल शुरू होने से पहले हुए दुष्प्रचार का असर तो पड़ा है, इस बात में कोई श़क नहीं. उस समय चल रहे नकारात्मक प्रचार से मुझे लगा था कि कुछ देश खेलों में भाग लेने भी नहीं आएँगे. लेकिन मैं उनका शुक्रगुज़ार हूँ जो यहाँ हिस्सा लेने आए. और तो और ग्लासगो में होने वाले अगले राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के अधिकारियों ने मुझसे कहा भी है कि इस तरह का आयोजन करना मुश्किल होगा. "

सुरेश कलमाडी ने बीबीसी से हुई एक ख़ास बातचीत में इस बात से भी इनकार किया कि खेल गाँव की ख़स्ताहाल स्थिति वाली तस्वीरें खिलाड़ियों के ठहरने की जगह थी.

बीबीसी हिंदी को मिली राष्ट्रमंडल खेल गाँव की तस्वीरों से वहां की दुर्दशा की असली कहानी सामने आई थी. इन तस्वीरों में साफ़ तौर पर दिख रहा था की बाथरूम बुरी तरह से गंदे हैं, खिलाडियों के लिए तैयार किए गए बिस्तरों पर कुत्तों के पैरों के निशान थे और कई दीवारें पान की पीकों से रंगी हुईं थीं.

सुरेश कलमाडी ने इन तस्वीरों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा है कि वे जिन इमारतों कि तस्वीरें हैं उन्हें तो आयोजन समीति ने अपने अधिकार में लिया ही नहीं है.

सुरेश कलमाडी का कहना था, "जिस हिस्से कि ख़राब हालत वाली तस्वीरें दुनिया ने देखी हैं वो तो नौकरों के लिए बनाया गया (सर्वेंट क्वार्टर) स्थान था, जिसका इस्तमाल कर्मचारियों को करना था. आयोजन समीति उन इमारतों से ख़ुश नहीं थी इसलिए हमने उसे अपने अधिकार में लेने से मना कर दिया क्योंकि वे हमारे मानकों पर खरी नहीं उतरी."

सुरेश कलमाडी ने तस्वीरों में दिखी खेल गाँव की दुर्दशा का ठीकरा दूसरों के सर मढ़ कर अपना पिंड छुड़ाने की कोशिश की है.

लेकिन बीबीसी से ही हुई बातचीत में स्काटलैंड में होने वाले अगले राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समीति प्रमुख माइकल कवानाह ने सुरेश कलमाड़ी के दावों को खारिज कर दिया है.

माइकल कवानाह ने कह दिया है कि दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल गाँव में तो कर्मचारियों के ठहरने की व्यवस्था है ही नहीं!