गदर की पार्टी से परेशान केसीआर

के चंद्रशेख़र राव, टीआरएस प्रमुख
Image caption मुसलमानों और दलितों को लुभाने की पूरी कोशिश

लोकप्रिय गायक और कलाकार गदर के नेत्रृत्व में तेलंगाना प्रजा फ्रंट की स्थापना से परेशान तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और सांसद के चन्द्रशेख़र राव ने मुस्लिम और दलित समुदायों पर अपनी पकड़ मज़बूत बनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं और साथ ही वो तेलंगाना के आम लोगों को भी यह विश्वास दिलाना चाहते हैं की तेलंगाना राज्य की स्थापना को लेकर उनके संकल्प में कोई कमी नहीं आई है.

राव ने सोमवार को पार्टी की एक बैठक में तेलंगाना की जनता से अनुरोध किया की वो 31 दिसम्बर के बाद अपने लक्ष्य के लिए कोई भी क़ुरबानी देने के लिए तैयार रहें.

उन्होंने कहा की अगर श्री कृष्ण समिति तेलंगाना के पक्ष में रिपोर्ट नहीं देती है या रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार अलग राज्य की स्थापना के लिए क़दम नहीं उठाती है तो इसके गंभीर परिणाम निकलेंगे और क्षेत्र में एक भूकंप आ जाएगा.

उन्होंने यह आरोप भी लगाया की आंध्र प्रान्त के नेता तेलंगाना राज्य को रोकने के लिए एकत्रित हो गए हैं क्योंकि वो तेलंगाना क्षेत्र का शोषण जारी रखते हुए ख़ुद फ़ायदा उठाना चाहते हैं.

इससे पहले मुस्लिम समुदाय के सदस्यों का अपनी पार्टी में स्वागत करते हुए उन्होंने मुसलमानों पर वादों की बारिश कर दी.

'मुसलमानों को आरक्षण'

उन्होंने कहा की तेलंगाना राज्य में उनकी सरकार मुस्लिम समुदाय को 12 प्रतिशत आरक्षण देगी और सच्चर समिति की तमाम सिफारिशों को लागू किया जाएगा.

उसके अलावे उन्होंने कहा की एक मुस्लमान को उप मुख्यमंत्री भी बनाया जाएगा और पांच मुसलमान मंत्री होंगे.

यह आरोप लगाते हुए की आंध्र के पूंजीपतियों ने ही सबसे ज़्यादा वक़्फ़ की संपति पर अवैध क़ब्ज़े किए हैं, राव ने कहा की उनकी सरकार सबसे पहले इन क़ब्जों को ख़ाली करवाएगी और वक़्फ़ भूमि वापस लेगी. उन्होंने कहा की कोई चार लाख करोड़ की वक़्फ़ भूमि पर तेलंगाना में क़ब्ज़े किए गए हैं.

इधर जिस तेलंगाना प्रजा फ्रंट की डर से राव मुसलमानों और दलितों को अपने निकट करने की कोशिश में जुट गए हैं वो ख़ुद ही कुछ अंदुरुनी समस्याओं में घिर गई है.

यह फ्रंट गत शनिवार को ही स्थापित हुआ था. लेकिन उसमें शामिल एक संगठन, अरुन्दय सांस्कृतिक संगठन की नेता विमला ने इस बात पर आपत्ति जताई है की फ्रंट ने क्यों चुनाव न लड़ने का फ़ैसला किया.

उन्होंने कहा की इस संबंध में एक प्रस्ताव एक तरफ़ा अंदाज़ में पारित किया गया.

उन्होंने कहा की अगर फ्रंट चुनाव में हिस्सा नहीं लेता है तो उससे उन स्वार्थी पार्टियों और नेताओं को फ़ायदा मिलेगा जो तेलंगाना के नाम पर सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं.

विमला ख़ुद भी एक गायिका और कलाकार हैं और सी पी ई एम एल जनशक्ति के नेता अमर की पत्नी हैं.

इस पर अपनी प्रतिक्रया में गदर ने कहा की चुनाव में हिस्सा लेने या न लेने का अंतिम फ़ैसला बाद में किया जाएगा लेकिन जो लोग फ्रंट से मतभेद रखते हैं वो उससे अलग हो सकते हैं और ख़ुद का अपना संगठन बना सकते हैं.

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