बिहार की राजनीति बदल गई है: नीतीश कुमार

नीतीश कुमार
Image caption मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि जाति की धारा कमज़ोर हुई है

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार का राजनीतिक व्याकरण बदल चुका है. विकास अब एक मुद्दा बन चुका है और जात की धारा कमज़ोर हुई है.

बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार बहुत जल्द ही विकसित राज्यों की श्रेणी में आ जाएगा क्योंकि लोगों के मन में उल्लास है और अब वो बड़ा से बड़ा काम कर सकते हैं.

उनका कहना था,''जातिप्रथा समाप्त नहीं होगी लेकिन वोट देने के लिए जाति एक प्रभावी कारण नहीं बनेगी.''

राज्य में विपक्ष की ओर से भ्रष्टाचार के आरोपों पर उनका कहना था कि भ्रष्टाचार पर तो उनकी मशीनरी हमला कर रही है.

उनका कहना था,''अगले पांच वर्षों में जिन भ्रष्ट लोगों ने मकान बनाए हैं उसे ज़ब्त किया जाएगा और उसमें बच्चों का स्कूल खोला जाएगा. मुझे तो उस दिन का इंतज़ार है.''

मुख्यमंत्री का कहना था कि उनके शासनकाल के दौरान 50 हज़ार अपराधियों को सज़ा दी जा चुकी है और उसकी वजह ये है कि सरकारी तंत्र ने ये सुनिश्चित किया है कि सरकारी गवाह समय पर हाज़िर होने लगे.

उनका कहना था,''ऐसा नहीं है कि अपराध नहीं होते हैं लेकिन पहले के मुक़ाबले अंतर ये है कि अब अपराध के लिए सज़ा मिलती है.''

अयोध्या मामले पर बात करते हुए नीतीश कुमार का कहना था कि कोई भी दल यदि उसका राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश करता है तो वो औंधे मुंह गिरेगा.

उनका कहना था,''इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर मेरे मन में कोई घबराहट नहीं है. जनता इन सब चीज़ों से आगे बढ़ चुकी है और अल्पसंख्यक समुदाय भी देख चुका है हमारे काम को.''

नरेंद्र मोदी को बिहार में प्रचार नहीं करने देने के मामले पर उन्होंने कहा,''मैं कौन होता हूं ये तय करने वाला. ये बीजेपी को तय करना है...इसमें न हमारा दखल है न हमारी रूचि. हमारा बीजेपी के साथ पुराना तालमेल है और हम उसी पर चल रहे हैं.''

नीतीश कुमार का कहना था,''आज बिहार का बिहारीपन जग रहा है. पहले बिहार के लोग पहचान छिपाते थे क्योंकि उन्हें उपहास का पात्र बनना पड़ता था. अब उन्हें गौरव का बोध हो रहा है...ये ज़रूरी था और ये हो गया है.''

बिहार में उनका गठबंधन कितनी सीटें हासिल कर सकता इस पर किसी तरह का आकलन करने से बचते हुए उन्होंने कहा,''हम 243 सीटों पर काम कर रहे हैं...जो जनता दे देगी वो शिरोधार्य होगा. काम करने का मौक़ा देगी तो काम करेंगे.''

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