बिहार में पहले चरण के लिए प्रचार ख़त्म

बिहार के प्रथम चरण के चुनाव के लिए प्रचार का काम मंगलवार शाम ख़त्म हो गया.

बाढ़ प्रभावित सीमांचल-मिथिलांचल की इन 47 सीटों पर गुरूवार को मतदान होंगे.

सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी, सुपौल, पुर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज ज़िलों में पड़नेवाली इन अधिकांश सीटों पर मुक़ाबला बहुकोणीय है.

एक ओर जहाँ कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी सारी 47 सीटों से मैदान में है वहीं जनता दल(यू)-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने क्रमश: 26 और 21 क्षेत्रों से उम्मीदवार खड़े किए हैं.

लालू प्रसाद की राष्ट्रीय जनता दल 31 और लोक जनशक्ति पार्टी 16 क्षेत्रों तो मार्कसवादी कम्युनिस्ट पार्टी सात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 11 और माले 17 सीटों पर ज़ोर आज़माईश करेगी.

राष्टवादी कांग्रेस पार्टी ने 33 जगहों से उम्मीदवार उतारे हैं.

पश्चिम बंगाल और नेपाल से सटे इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए सभी पार्टियों के बड़े नेताओं ने इलाके का दौरा किया जिसमें प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गाँधी और प्रकाश करात शामिल थे.

वाकयुद्ध

हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को मोतिहारी, मुजफ्फ़रपुर और दरभंगा में चुनावी सभाओं को संबोधित किया लेकिन इन इलाकों में चुनाव बाद के चरणों में होने हैं.

इसके पहले सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनावी सभाओं को संबोधित किया था.

बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सीधा मुक़ाबला पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के राष्ट्रीय जनता दल से हो लेकिन चुनावी बयानबाजी में मुक़ाबला कांग्रेसी नेताओं और नीतीश कुमार के बीच हो रहा है.

Image caption बिहार में चुनाव प्रचार जोरशोरों से चल रहा है

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के बाद सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा. नीतीश कुमार ने भी जवाबी हमलों में देर नहीं लगाई.

सोनिया गांधी ने सोमवार को मोतीहारी और किशनगंज में अपने चुनावी रैलियों में नीतीश कुमार के विकास के दावों को छलावा बताया.

उन्होंने भाजपा और जद-यू के गठबंधन को अवसरवादी करार देते हुए आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के पास विकास के लिए सोच नहीं है.

दूसरी ओर चुनावी सभाओं में हुए नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री के आरोपों के जवाब में कहा कि वे केंद्र सरकार की विफलताओं के लिए राज्य सरकार को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.

चुनाव सारणी

उल्लेखनीय है कि बिहार में विधानसभा चुनाव छह चरणों में हो रहे हैं.

पहले चरण का मतदान 21 अक्तूबर को होगा और आख़िरी चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा जबकि चुनाव नतीजे 24 नवंबर को आएंगे.

पहला चरण (मतदान - 21 अक्तूबर) कुल- 47 सीटें

क्षेत्र: उत्तर-पूर्वी बिहार

अजा: अनुसूचित जाति

अजजा: अनुसूचित जनजाति

हरलाखी (31), बेनीपट्टी (32), खजौली (33), बाबूबरही (34), बिस्फी (35), मधुबनी (36), राजनगर (37-अजा), झंझारपुर (38), फुलपरास (39), लोकहा (40), निर्मली (41), पिपरा (42), सुपौल (43), त्रिवेणीगंज (44-अजा), फोर्बिसगंज (48), अररिया (49), जोकीहाट (50), सिकटी (51), बहादुरगंज (52), ठाकुरगंज (53), किशनगंज (54), कोचाधामन (55), अमौर (56), बायसी (57), कसबा (58), बनमँखी (59-अजा) , रुपौली (60), धमदाहा (61), पूर्णिया (62), कटिहार (63), कदवा (64), बलरामपुर (65), प्राणपुर (66), मनिहारी (67-अजजा), बरारी (68), कोरहा (69-अजा), आलमनगर (70), बिहारीगंज (71), सिंघेस्वर (72-अजा), मधेपुरा (73), सोनवर्षा (74-अजा), सहरसा (75), सिमरी बख्तियारपुर (76), महिषी (77).

स्थानीय मुद्दे - ये बाढ़ ग्रस्त इलाक़ा है जहाँ से मज़दूरों का पलायन हुआ है. कुछ इलाक़ों में पेयजल में लौह के प्रदूषण की शिकायतें सामने आई हैं. कई जगह चिकित्सा सुविधाओं का घोर अभाव है जबकि कुछेक स्थानों पर बांग्लादेशियों की कथित घुसपैठ का मुद्दा भी उठा है.

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