संयुक्त संसदीय समिति से जांच हो:भाजपा

भाजपा नेता
Image caption भाजपा ने पहले भी राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन मे कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी.

भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रमंडल खेलों में हुए कथित भ्रष्टाचार की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की है.

पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार समेत कई एजेंसियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि इसकी संयुक्त संसदीय समिति से जांच होनी चाहिए.

उनका कहना था, ‘‘ राष्ट्रमंडल खेलों का बजट पहले 1800 करोड़ था जो बढ़ कर 70 हज़ार करोड़ हो गया. जब ये बजट बढ़ा तो इसकी अनुमति कैबिनेट ने दी. प्रधानमंत्री ने बढ़ा हुआ बजट पास किया. क्या उन्होंने ये देखा कि बजट क्यों बढ़ा. सारी बातों की जांच होनी चाहिए.’’

गडकरी के आरोप पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी मात्र आरोप लगा रही है और उसके पास नया कहने को कुछ भी नहीं है.

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी का कहना था कि चूंकि बीजेपी के अपने नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं इसलिए बीजेपी परेशान है और बयानबाज़ी कर रही है.

हालांकि जब पत्रकारों ने केंद्र और दिल्ली में कांग्रेस सरकारों के होने की बात कही तो मनीष तिवारी चिढ़ गए और उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की राय ये है कि दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए. जो दोषी हैं उन्हें सज़ा मिले.’’

गडकरी ने साफ़ साफ़ प्रधानमंत्री कार्यालय के भ्रष्टाचार में लिप्त होने की बात नहीं कही लेकिन उन्होंने इतना ज़रुर कहा कि इस भ्रष्टाचार को राजनीतिक प्रश्रय मिला हुआ था.

उन्होंने कहा, ‘‘ अभी सीवीसी जांच कर रही है. और भी कई एजेंसियां जांच में लगी है लेकिन ये एजेंसियां भ्रष्टाचार के राजनीतिक एंगल की जांच नहीं कर सकतीं इसलिए हम चाहते हैं कि संसदीय समिति इस मामले की जांच करे. हमारे पास दस्तावेज हैं जो सबूत हैं और वो हम संसदीय समिति के समक्ष पेश करेंगे.’’

बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार है और दिल्ली में भी तो फिर वो इस ज़िम्मेदारी से कैसे बच सकती है.

उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े घोटालों के मामले में कई जगह छापे मारे हैं और इनमें बीजेपी से जुड़े सुधांशु मित्तल का भी नाम सामने आया है.

इस बारे में पूछे जाने पर गडकरी का कहना था कि जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है उसकी जांच होनी चाहिए और सज़ा मिलनी चाहिए.

पार्टी का रुख़ था कि संसद के अगले सत्र में पार्टी इस मामले को उठाएगी और जांच के लिए संसद में पूरा संघर्ष करेगी.

राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार की बात हर स्तर पर हो रही है और कई एजेंसियां इसकी जांच कर रही है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी का इस मुद्दे पर कैबिनेट और प्रधानमंत्री कार्यालय को परोक्ष रुप से घेरने की कोशिश कर रही है लेकिन इसमें उन्हें कितनी सफलता मिलती है ये आने वाले दिनों में ही पता चलेगा.

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