सार्वजनिक हुई अद्वितीय रिकॉर्डिंग

ग्रामोफ़ोन
Image caption एक ग्रामोफ़ोन में सिर्फ़ साढ़े तीन मिनट की रिकॉर्डिंग है

बीसवीं शताब्दी के शुरू की भारतीय कहानियों और गानों का विशेष संग्रह पहली बार सार्वजनिक किया गया है.

और तो और इसे मुफ़्त में डाउनलोड भी किया जा सकता है.

औपनिवेशिक ज़माने के ब्रितानी अधिकारियों ने ये रिकॉर्डिंग तैयार की थी. ये रिकॉर्डिंग भारतीय भाषाओं के बड़े संग्रह का हिस्सा है.

ये रिकॉर्डिंग इसलिए तैयार की गई थी ताकि ब्रितानी सिविल सेवा के अधिकारियों को भारत के विभिन्न क्षेत्रों की बोलियों से अवगत कराया जाए, जहाँ जाकर भविष्य में उन्हें काम करना था.

आइडिया

ये आइडिया भाषाविद जॉर्ज ग्रियर्सन का था. इन रिकॉर्डिंग्स को इंटरनेट पर उपलब्ध कराया है यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो की डिजिटल साउथ एशिया लाइब्रेरी ने.

वेबसाइट का पता है- http://dsal.uchicago.edu/lsi/

रिकॉर्डिंग में गाने भी हैं और कहानियाँ भी.

और ये सब एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरी 97 भारतीय भाषाओं और बोलियों में है.

इन्हें वर्ष 1913 और 1929 के बीच तैयार किया गया था. उस समय तकनीक इतनी उन्नत नहीं थी. इसलिए एक ग्रामोफ़ोन में सिर्फ़ साढ़े तीन मिनट का ही साउंड रिकॉर्ड हो सकता था.

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