'सुरक्षा परिषद सुधार में भारत केंद्र में होगा'

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले अमरीका ने कहा है कि भारत के उदय और महत्व को देखते हुए भविष्य में संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के किसी भी सुधार में भारत केन्द्र में होगा.

बराक ओबामा की भारत यात्रा के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए हुई पत्रकार वार्ता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर भारतीय दावे के सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के राजनैतिक मामलों के अधिकारी बिल बर्न्स ने ये बात कही.

हालांकि सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत के समर्थन पर अमरीका ने कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के राजनैतिक मामलों के अधिकारी बिल बर्न्स ने कहा " अमरीका वैश्विक ढाँचे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इक्कीसवी सदी में कारगर बनाए रखने का महत्व समझता है."

अमरीका की ओर से कहा गया है कि बराक ओबामा की ये भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मज़बूत करेगी.

भारत-पाकिस्तान रिश्ते और कश्मीर पर बातचीत को लेकर उठे सवाले के जवाब में अमरीकी सुरक्षा सलाहकार समिति के बैन रोड्स ने कहा " राष्ट्रपति बराक ओबामा मानते है कि भारत-अमरीका और पाकिस्तान-अमरीका रिश्ते एक दूसरे पर निर्भर नहीं करते. पिछले कई वर्षो में अक्सर ये माना जाता है कि अमरीका एक देश के साथ नज़दीकी दूसरे देश की कीमत पर बनाता है. पर हम लगातार संकेत देते रहे है कि मौजूदा प्रशासन की सोच ठीक विपरीत है"

इसी सवाल के जवाब में बिल बर्नस ने कहा " हमने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का हमेशा स्वागत किया है. और दोनों महत्वपूर्ण देशों को रिश्ते सुधारने के लिए प्रेरित किया है. लेकिन बातचीत की गति क्या हो, दायरा क्या हो और बातचीत कैसे हो ये भारत और पाकिस्तान को निर्धारित करना है. पर हम बातचीत का स्वागत करते रहेगें और बढावा देते रहेंगे."

अमरीकी अधिकारियों ने ये भी कहा कि अमरीकी कंपनियाँ परमाणु उर्जा क्षेत्र के विकास में भारत का सहयोग करेंगी. और भारत ने वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पूरक क्षतिपूर्ती संधि पर हस्ताक्षर कर इस ओर सकारात्मक कदम उठाया है, जिससे अमरीकी कंपनियों को व्यापार करने के समान अवसर मिलेगें.

आगरा नहीं जाएंगे ओबामा

राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी भारत यात्रा मुंबई से शुरु करेंगें. अपने मुंबई प्रवास के दौरान वो ताज पैलेस होटल में रुकेंगें जिसे चरमपंथियों ने निशाना बनाया था.

ओबामा ताज में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे और उनके संबंधियों को संबोधित करेगें.

इसके बाद ओबामा मुंबई के गाँधी संग्रहालय जाएंगे.

भारत- अमरीका आर्थिक संबध पर व्यापारिक बैठक में भाग लेगें. इस बैठक के दौरान वो भारतीय उद्यमियों और अमरीकी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात करेगें और उसके बाद एक संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे.

यात्रा के दूसरे दिन ओबामा दिन की शुरूआत मुंबई के एक स्थानीय स्कूल में बच्चों के साथ समय बिताकर करेंगे.

युवाओं से जुडने की मुहिम में ओबामा मुंबई के टाऊन हॉल में विश्वविद्यालय छात्रों से भी मुलाकात करेगें. ओबामा की इस मुलाक़ात का विषय है कि कैसे भारत-अमरीकी संबधो को अगले स्तर पर ले जाया जाए.

ओबामा यात्रा के तीसरे दिन दिल्ली पहुँचेगें, जहाँ वो सबसे पहले हुंमायूं के मकबरे का दौरा करेगें. बराक ओबामा के दौरे का जो ब्योरा दिया गया है उससे स्पष्ट है कि ओबामा इस दौरे पर ताजमहल और स्वर्ण मंदिर नहीं जाएँगे.

अमरीकी अधिकारियों ने कहा है इस यात्रा पर बराक ओबामा और मिशेल ओबामा ही आएगें. उनकी बेटियाँ स्कूल की छुट्टी ना होने की वजह से इस यात्रा पर नहीं आएगी.

आठ नवंबर को ओबामा दिल्ली में सबसे पहले राजघाट जाकर महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देगें.

इसी दिन वो भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेगें जिसके बाद वो पत्रकारों को संबोधित करेगें.

इसके अलावा बराक ओबामा दिल्ली में अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगें.

बराक ओबामा भारतीय संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेगें जिसमें वो राजनैतिक, आर्थिक और सुरक्षा मामलों पर चर्चा करेगे.

नौ नवंबर को वो दिल्ली से जकार्ता के लिए रवाना होगें.

संबंधित समाचार