बवाल के बाद इस्तीफ़े की पेशकश

अशोक चव्हाण
Image caption अशोक चव्हाण का नाम मुंबई के एक हाउसिंग घोटाले में उभरा है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण मुंबई में बनी आदर्श नगर सोसाइटी में कथित घोटाले में अपना नाम आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात करके इस्तीफ़े की पेशकश की है.

शनिवार को उन्होंने दिल्ली आकर सोनिया गांधी से मुलाक़ात की. मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने सोनिया गांधी को पूरी सच्चाई से अवगत करा दिया है.

अशोक चव्हाण ने कहा, "बवाल के बारे में पूरी जानकारी सोनिया गांधी को दी है. जो भी तथ्य हैं, उसे सामने रखा है. मैंने कहा है कि ज़मीन राज्य सरकार की है. लेकिन मैंने अपने इस्तीफ़े की पेशकश की है. अब उनसे कहा है कि इस पर आख़िरी फ़ैसला करें."

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस घोटाले की सीबीआई जाँच का स्वागत किया और कहा कि जाँच में सच सामने आ जाएगा.

इससे पहले शुक्रवार को अशोक चव्हाण ने कहा था कि मुंबई में बनी आदर्श नगर सोसाइटी में कथित घोटाले से उनका कोई लेना देना नहीं है.

उन्होंने माना कि उनके रिश्तेदारों के इस सोसाइटी में मकान थे.

मुंबई के महंगे कोलाबा इलाक़े में स्थित 31-मंज़िला आदर्श नगर सोसाइटी के बारे में कहा जा रहा है कि ये ज़मीन पूर्व सैनिकों और युद्ध में मारे गए लोगों की विधवाओं के लिए थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों ने इस ज़मीन को हड़पकर एक लंबी इमारत खड़ी कर दी है.

इसमें पूर्व सेनाध्यक्षों के अलावा कई राजनीतिज्ञ भी रहते हैं.

बीबीसी संवाददाता विनीत खरे के अनुसार आदर्श नगर सोसाईटी में रहने वाले लोगों में पूर्व सेनाध्यक्ष एनसी विज, दीपक कपूर, पूर्व जलसेनाध्यक्ष एडमिरल माधवेंद्र सिंह जैसे लोगों के नाम लिए जा रहे हैं.

सीबीआई इस मामले की जाँच कर रही है.

उधर पर्यावरण मंत्रालय ने भी कहा है कि उसने भी सोसाइटी को कोई क्लियरेंस नहीं दी थी.

अभी सोसाइटी भी यही कह रही है कि उनके यहाँ कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.

आरोप

रिपोर्टों में ये भी कहा गया है कि इस बिल्डिंग में मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के दो रिश्तेदारों के भी मकान हैं.

इस इमारत के बारे में ये भी कहा जाता है कि इसे बनाने के लिए कई नियमों का उल्लंघन किया गया था.

आरोप है कि इस इमारत के मात्र छह मंज़िलें बननी थीं लेकिन नियमों को ताक़ पर रखकर इसे 31-मंज़िला बना दिया गया.

ये कहानी करगिल युद्ध के बाद शुरु हुई जब सेना ने इस ज़मीन को आदर्श नगर सोसाइटी के लिए ख़ाली कर दिया.

आरोप है कि इस फ़ैसले में जो बड़े सैन्य अधिकारी या अफ़सर शामिल थे, सभी को इस सोसाइटी में फ़्लैट दे दिए गए.

मकान पानेवाले राजनीतिज्ञों में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के नेता शामिल हैं.

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