दस नवंबर से सड़कों पर उतरेगा संघ

मोहन भागवत
Image caption मोहन भागवत भी प्रदर्शन में शामिल होंगे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भगवा चरमपंथ के मुद्दे पर सड़कों पर उतरने का फ़ैसला किया है और कहा है कि देश भर में 10 नवंबर के बाद से ही धरने-प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि अजमेर धमाकों के मामले में संघ के एक नेता इंद्रेश कुमार का नाम सामने आया था.

अजमेर धमाकों के मामले में संघ के नेता इंद्रेश कुमार का नाम सामने आने के बाद से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.

लेकिन अब संघ ने कहा है कि इसके विरोध में धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे.

जलगांव में संघ की तीन दिनों की बैठक हुई जिसमें तय किया गया कि संघ को भगवा चरमपंथ के आरोपों के ख़िलाफ़ कड़ा रवैया अपनाना चाहिए और इसके विरोध में सड़कों पर उतरना चाहिए.

प्रस्ताव

संगठन का मानना था कि इंद्रेश कुमार का नाम बेवजह अजमेर धमाकों से जोड़ा गया ताकि संघ का नाम ख़राब किया जा सके. संगठन के कार्यकर्ता 10 नवंबर से इसके विरोध में प्रदर्शन करेंगे.

संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल ने तीन दिवसीय बैठक के बाद एक प्रस्ताव पारित किया. इस प्रस्ताव में इंद्रेश कुमार का मामला भी था और पाकिस्तान का भी.

संघ ने बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में इंद्रेश कुमार को भी पेश किया और इंद्रेश कुमार ने अपना बचाव किया.

संघ पहले भी कह चुका है कि कांग्रेस संघ को रणनीतिक रुप से निशाना बना रही है ताकि मुस्लिमों का वोट हासिल किया जा सके.

संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि तीन दिवसीय बैठक में कथित हिंदू चरमपंथ पर बहस हुई और संघ नेताओं के ख़िलाफ़ लगे आरोपों पर भी गंभीर चर्चा हुई.

उनका कहना था कि संघ नेताओं के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप राजनीतिक हैं और बिना किसी सबूत के ये आरोप लगाए गए हैं.

बैठक में ये तय किया गया कि इन आरोपों का और संघ का नाम बदनाम करने की कोशिशों का हर स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए.

संघ ने अब तय किया है कि 10 नवंबर को देश भर में अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन शुरू किए जाएँगे जिसकी अगुआई सरसंघचालक मोहन भागवत ख़ुद करेंगे.

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