ओबामा के मुंबई दौरे की तैयारियाँ

ताज के बाहर सुरक्षा

कहा जा रहा है कि बराक ओबामा के आने की वजह से मुंबई के होटल ताजमहल होटल को सुरक्षा एजेंसियों ने जैसे अपने कब्ज़े में ले लिया है. हालांकि होटल के लोग इस बारे में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं.

26/11 हमलों का शिकार हुए इस होटल में अमरीका के राष्ट्रपति का रुकना चरमपंथ के खिलाफ़ अमरीका का एक मज़बूत संदेश माना जा रहा है.

यहाँ वो हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे, होटल में रखी एक गेस्ट बुक में अपनी भावनाएं रखेंगे और इन हमलों से प्रभावित कुछ लोगों के समक्ष एक वक्तव्य जारी करेंगे.

होटल के बाहर पुलिस की गाड़ियाँ तैनात हैं. होटल के अंदर कुछ लोग हाथ में वॉकी-टॉकी लेकर इधर-उधर आते-जाते हुए मिल जाएंगे. अंदर जाने वाली हर गाड़ी को रोककर उसकी ज़बरदस्त तलाशी ली जा रही है.

Image caption गेटवे ऑफ़ इंडिया के पास सीढ़ियों की मरम्मत का काम चल रहा था

सामने है गेटवे ऑफ़ इंडिया. साथ ही है हमेशा की तरह ज़बरदस्त भीड़. थोड़ी ही दूर से आ रही गाड़ी की आवाज़ सुनकर मैं उधर गया. झांककर नीचे देखा तो समुद्र की ओर नीचे जाती हुई सीढ़ियों की मरम्मत का काम चल रहा था.

मैंने वहाँ काम करवा रहे एक दो लोगों से पूछा कि ये काम तो पहले भी किया जा सकता था. इस पर वो मुस्कुरा दिए.

होटल से थोड़ी ही दूर पर स्थित है होली नेम हाईस्कूल. बगल में स्थित गिरिजाघर से प्रार्थना की आवाज़ आ रही थी. बाहर कुछ मज़दूर काम में लगे हुए थे.

कुछ लोगों से पूछा तो पता चला कि अमरीकी कांस्युलेट के लोग यहाँ पहुँचे हैं. स्कूल की छुट्टियाँ 22 नवंबर तक हैं इसलिए स्कूल के ज़्यादातर हिस्से में जैसे सन्नाटा था.

लेकिन कुछ कमरों से निकल रही लड़कियों ने बताया कि अमरीकी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए तैयारियाँ चल रही हैं.

स्कूल का दौरा

हमारी मुलाकात राखी से हुई. उन्होंने बताया कि पर्यावरण पर किस तरह से प्रदूषण का असर पड़ रहा है, इसे दिखाने के लिए उन्होंने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है.

Image caption होली नेम स्कूल के विद्यार्थी जूज़र और राखी राष्ट्रपति ओबामा की यात्रा को लेकर उत्साहित हैं

उन्होंने कहा, ''हम बताना चाहते हैं कि हमारी धरती माँ को काला मत करो. हमें ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने चाहिए. ओबामा जी हमारे स्कूल में आ रहे हैं, तो इसलिए सभी बच्चे प्रोजेक्ट बना रहे हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हम क्या सोचते हैं.''

पास ही खड़े एक छात्र जूज़र ने बताया कि बच्चे कई दिनों से बराक ओबामा के मनोरंजन के लिए नृत्य की तैयारी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ''कुछ बच्चों ने नृत्य के लिए तैयारी की है. एक है दिया नृत्य है, और दूसरा है कोली नृत्य. दिया नृत्य हमारे देश की संस्कृति को प्रस्तुत करने के लिए है. कोली नृत्य (मछुआरों का नृत्य) हमारे महाराष्ट्र की संस्कृति प्रस्तुत करेगा. हमने एक मॉडल तैयार किया है जिसका शीर्षक होगा कि इस काली होती धरती को कैसे हरा-भरा बनाया जाए और इसके लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए.''

राखी और जूज़र हमें पास के ही एक कमरे में लेकर गए जहाँ रंग-बिरंगे कागज़ बिखरे हुए थे. पास ही काली होती धरती का एक मॉडल रखा हुआ था. साथ ही रखे हुए थे पेड़ के कुछ मॉडल.

बगल में एक आदर्श गाँव का मॉडल रखा था जिसके माध्यम से छात्र बताना चाहते थे कि बिना प्रदूषण फैलाए हम कैसे रह सकते हैं.

राखी ने माना अभी काफ़ी काम बाकी है. वो कहती हैं कि पेड़ के माध्यम से वो बताना चाहती हैं कि हमें पेड़ नहीं काटने चाहिए.

गाँव के मॉडल के बारे में जूज़र बताते हैं, ''गाँव की खेती का सभी अनाज एक जगह जमा करना चाहिए. इससे अनाज की बरबादी नहीं होगी. टेरेस गॉर्डनिंग को प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि उसमें ज़्यादा ज़मीन नहीं लगती है. गाँव में सभी लोगों के इस्तेमाल के लिए कम्युनिटी टॉयलट बनाना चाहिए जिसके अवशेष का इस्तेमाल बायो-गैस प्लांट के लिए करना चाहिए. इस गैस का इस्तेमाल रोशनी करने और खाना बनाने के लिए किया जा सकता है.''

राखी ने हमें बताया कि एक हफ़्ते से 20 से 30 बच्चे कार्यक्रम की तैयारी में जुटे हैं.

वो कहती हैं, ''हमें अपने स्कूल का नाम रोशन करना है और हम अमरीकी राष्ट्रपति का अच्छी तरह से स्वागत करना चाहते है.''

मैने राखी से पूछा कि वो बराक ओबामा से क्या चाहेंगी और उनसे क्या कहेंगी. राखी कहती हैं, ''हम चाहते हैं कि वो हमें एक अच्छा संदेश देकर जाएं. वो हमें प्रेरणा दें कर जाएं कि हम कैसे उन्हीं की तरह आगे बढ़ें.''

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