यूपी में गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ा

उत्तर प्रदेश सरकार ने चालू पेराई सीज़न के लिए गन्ने का मूल्य 205 रूपये क्विंटल घोषित किया है.

यह पिछले साल के समर्थन मूल्य से चालीस रूपये अधिक है लेकिन मिलों ने जो क़ीमत दी थी उससे काफ़ी कम है.

मुख्यमंत्री मायावती ने मंत्रिमंडल की बैठक के तुरंत बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में नए साल के गन्ना मूल्य की घोषणा करते हुए इसे 'अभूतपूर्व और ऐतिहासिक' बताया.

मायावती ने कहा कि 'इससे पहले इतनी अधिक वृद्धि कभी नहीं की गई.'

पिछले साल राज्य सरकार ने 165 रूपए प्रति क्विंटल दाम घोषित किया था, लेकिन किसानों ने उसे नामंज़ूर करते हुए आंदोलन किया था. इसके बाद मिलों ने 260 से 280 रुपये प्रति क्विंटल तक दाम दिए थे.

इस साल किसान संगठन और विरोधी दल तीन सौ रूपये क्विंटल तक की मांग कर रहे हैं.

लेकिन विदेश से चीनी आयात होने की वजह से पिछले साल के मुकाबले इस साल चीनी के दाम गिरे हैं.

इसलिए जानकार लोगों का कहना है कि चीनी मिलें पिछले साल के बराबर दाम देने में आनाकानी कर सकती हैं. तो भी उन्हें राज्य सरकार द्वारा घोषित मूल्य से ज़्यादा देना पड़ेगा.

इसी बात को समझते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गन्ना मूल्य को लेकर जहाँ कहीं विवाद हो, वे किसानों और मालिकों की सहमति से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि तय करवाकर पेराई जल्दी शुरू करवा दें, जिससे रबी की बुवाई के लिए खेत खाली हो सकें.

मायावती ने साथ में याद दिलाया कि केंद्र सरकार ने मात्र 133 रूपये क्विंटल का समर्थन मूल्य घोषित किया है, जो उनके अनुसार काफी कम है.

उन्होंने भारत सरकार की गन्ना मूल्य निर्धारण प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी की है.

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