आदर्श घोटाले ने शर्मसार किया: सिंह

विवादित आदर्श सोसायटी
Image caption कहा जा रहा है कि इस सोसायटी में कारगिल के शहीदों को फ़्लैट देने के नाम पर बहुत सी छूट ली गई

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा है कि मुंबई के आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में शीर्ष सैन्य अधिकारियों का नाम आने से सेना शर्मसार हुई है.

उनका कहना है कि इससे सेना की छवि को भी नुक़सान हुआ है.

जनरल सिंह ने कहा है कि वे इस घोटाले से उन्हें दुख पहुँचा है और वे जो भी दोषी पाया जाएगा उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोई भी हो.

उल्लेखनीय है कि मुंबई के महंगे इलाके़ कोलाबा में आदर्श हाउसिंग सोसायटी की 31 मंज़िला इमारत को लेकर इन दिनों विवाद चल रहा है.

कहा जा रहा है कि इस सोसायटी के निर्माण से लेकर इसकी सदस्यता तक बहुत सी अनियमितताएँ हुई हैं.

अब तक मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के कई रिश्तेदारों से लेकर सेना के कई अधिकारियों और राजनीतिज्ञों के नाम सामने आ चुके हैं.

सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एनसी विज और जनरल दीपक कपूर, नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल माधवेंद्र सिंह, सेना के पूर्व उप प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल शांतनु चौधरी उन कुछ अधिकारियों में से हैं जिनके नाम पर आदर्श हाउसिंग सोसायटी में फ़्लैट आवंटित किए गए थे.

हालांकि इन अधिकारियों ने अपने फ़्लैट वापस लौटाने का प्रस्ताव रखा है.

लेकिन इस समय केंद्र सरकार और सेना इस घोटाले की अलग-अलग जाँच कर रही है.

'दुखद'

जनरल सिंह ने टेलीविज़न चैनल सीएनएन-आईबीएन के एक कार्यक्रम में कहा, "इन ख़बरों से मुझे दुख पहुँचा है और मैं मानता हूँ कि एक संस्था के रुप में यह हमारी हार है."

उन्होंने कहा, "तेरह लाख लोगों की सेना के लिहाज़ से यह बहुत छोटी संख्या होगी लेकिन ऐसी कोई भी घटना जो सेना के अनुक्रम को बिगाड़ती है, वह दुखद है क्योंकि इससे हम लोगों के बीच जो आपसी जुड़ाव है वह भी कमज़ोर होता है."

उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार यदि दोष साबित हो गया तो किसी को नहीं बख़्शा जाएगा, चाहे वो जो भी हो.

जब उनसे पूछा गया कि इन ख़बरों से सैनिकों को दुख पहुँचा है और वे शर्मिंदा हैं, तो उन्होंने कहा, "हाँ ऐसा हुआ है."

Image caption जनरल सिंह का कहना है कि इससे सेना के भीतर भी विश्वास टूटेगा

उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि सच क्या है यह तो अभी कोई नहीं जानता लेकिन जब ख़बरें इस तरह से आती हैं तो लोग कहने लगते हैं कि कुछ तो गड़बड़ है. एक व्यक्ति जिस पर हमने भरोसा किया...एक ऐसा व्यक्ति जिसके एक आदेश पर हम युद्ध के मैदान पर जाने को तैयार थे...मुझे लगता है कि यह गहरा दुख देता है."

जनरल सिंह का कहना था कि इसके बाद से अब कोई भी शहीद के नाम पर कुछ माँगेगा तो उस पर शक किया जाएगा.

उन्होंने कहा, "सेना हर दिन कार्रवाई के लिए तैनात है. जम्मू कश्मीर में और पूर्वोत्तर राज्यों में...अब जब भी कोई शहीदों के परिवार के लिए कुछ माँगेगा तो लोगों को लगेगा कि वह अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए कुछ माँग रहा है. यह इस पूरे प्रकरण की सबसे दुखी करने वाली बात है."

उनका कहना था कि सेना में ऐसे कुछ ही लोग हैं और उनकी संख्या बहुत बड़ी नहीं है.

उन्होंने कहा कि वे रक्षा मंत्रालय की ओर से एक दूसरी तरह की जाँच की उम्मीद कर रहे हैं जिसमें एक संस्था के विफल होने की जाँच की जाएगी.

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