अजमेर मामले में एक और गिरफ़्तारी

अजमेर धमाका
Image caption अजमेर बम धमाके में तीन लोग मारे गए थे और तीस घायल हुए थे

राजस्थान में पुलिस ने अजमेर धमाकों के सिलसिले में गुजरात के वड़ोदरा के हर्षद सोलंकी को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक़ हर्षद सोलंकी उर्फ़ मुन्ना उर्फ़ राज वर्ष 2002 में दंगों के दौरान वड़ोदरा के बेस्ट बेकरी काण्ड का मुख्य अभियुक्त भी है, जिसमें चौदह लोग मारे गए थे.

पुलिस के मुताबिक़ हर्षद ने अजमेर दरगाह धमाकों में प्रमुख भूमिका अदा की थी.

पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख कपिल गर्ग ने इस गिरफ़्तारी की सूचना देते हुए बताया कि 32 साल का हर्षद वड़ोदरा का ही रहने वाला है और वर्ष 2006 से मध्य प्रदेश में एक हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता सुनील जोशी के संपर्क में था.

सुनील जोशी की वर्ष 2007 में रहस्यमय हालत में हत्या कर दी गई थी.

पुलिस हिरासत में

एटीएस के मुताबिक़ हर्षद ने अजमेर में इस्तेमाल बमों को तैयार करने में ख़ास भूमिका निभाई थी.

अधिकारियों का कहना है कि हर्षद ने बम बनाने के उपकरण और विस्फोटक जुटाने और फिर उनके परिवहन और पैकेजिंग करने में प्रमुख भूमिका निभाई.

पुलिस का कहना है कि हर्षद से पूछताछ से बहुत उपयोगी जानकारियाँ मिलेंगीं.

पुलिस ने हर्षद को एक अदालत के सामने पेश किया जहाँ से उसे नौ नवंबर तक के लिए पुलिस को सौंप दिया गया.

अजमेर विस्फोट के सिलसिले में यह चौथी गिरफ़्तारी है.

इससे पहले पुलिस एक हिन्दू संगठन के तीन लोगों को गिरफ़्तार कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है.

अजमेर में सूफ़ी संत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में 11 अक्टूबर, 2007 को बम धमाके हुए थे. इन धमाकों में तीन लोग मारे गए थे जबकि कोई तीस लोग घायल हुए थे.

वड़ोदरा के बेस्ट बेकरी काण्ड में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2004 में 21 लोगो के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र में फिर से मुक़दमा चलने के निर्देश दिए थे.

इस पर पुलिस ने सत्रह लोगों को गिरफ़्तार कर अदालत में पेश किया था मगर हर्षद समेत चार लोग फ़रार हो गए थे.

इस घटना में स्थानीय अदालत ने नौ लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी.

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