समुद्री तूफ़ान के कारण 'अलर्ट' जारी

आंध्र प्रदेश (फ़ाइल फ़ोटो)

बंगाल की खाड़ी में उठ रहे समुद्री तूफ़ान 'जल' के बढ़ते हुए ख़तरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश की सरकार ने पांच ज़िलों में अलर्ट जारी कर दिया है और नौ सेना और वायु सेना को तैयार रहने के लिए कहा है.

समुद्री तूफ़ान 'जल' की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है. नेल्लोरे से 750 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व दिशा में केंद्रित ये तूफ़ान उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था.

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ये तूफ़ान रविवार की रात नेल्लोरे और पॉंडिचेरी के बीच तट से टकराएगा. इसके कारण तट्टीय इलाक़ों में 120 से लेकर 140 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और तेज़ बारिश होगी.

चित्तूर ज़िले सहित कुछ स्थानों पर तो 25 सेंटीमीटर से भी ज़्यादा बारिश होने की संभावना जताई जा रही है.

Image caption आंध्र प्रदेश के पांच ज़िलों में अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम विभाग ने कहा है कि इस तूफ़ान का सबसे ज़्यादा असर आंध्र प्रदेश के पांच ज़िलों नेल्लोरे, प्रकाशम, गुंटूर, कृष्णा और चित्तूर और उत्तरी तमिलनाडु के तटवर्तीय इलाक़े चेन्नई, तिरुवल्लुर और कांचिपुरम पर पड़ेगा.

चेतावनी

समुद्र में सामान्य से दो मीटर ऊंची लहरें उठेंगी. इस को देखते हुए तमिलनाडू और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने मछुआरों से कहा है कि वे समुद्र में न जाएँ.

मौसम विभाग के अनुसार, तूफ़ानी हवाओं के कारण कच्चे घरों को नुक़सान पहुंच सकता है. पेड़ उखड़ सकते हैं, बिजली की आपूर्ति और दूर संचार में रुकावट आ सकती है.

आंध्र प्रदेश के तट् पर इस तूफ़ान का प्रभाव शनिवार की शाम से ही महसूस होने लगा है और कई स्थानों पर वर्षा और हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया है.

इस स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश की सरकार ने ज़िला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे निचले और तटवर्तीय इलाक़ों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम शनिवार से शुरू कर दें और ज़रुरत पड़ने पर इसके लिए पुलिस की सहायता लें.

नेश्नल डिसास्टर रेस्पॉंस फ़ोर्स का दल कश्तियों और दूसरी सामग्री के साथ नेल्लोरे पहुंच चुके हैं.

नेल्लोरे और दुसरे इलाक़ों के लोगों को मौसम विभाग की इस चेतावनी से और भी चिंता हो रही है कि आगे इस तूफ़ान की तीव्रता और विनाशकारी शक्ति में और भी वृद्धि हो सकती है.

आंध्र प्रदेश को इस नए ख़तरे का सामना एक ऐसे समय पर करना पड़ रहा है जब कि गत सप्ताह की तूफ़ानी वर्षा और बाढ़ ने भी तट्टीय इलाक़ों में ज़बरदस्त तबाही फैलाई थी और उससे 45 लोगों की मौत होगई थी और पाँच लाख एकड़ पर खड़ी फ़स्ल नष्ट हो गई थी.

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