पाकिस्तान बातचीत से पहले आतंकवाद पर अंकुश लगाएः मनमोहन सिंह

ओबामा-मनमोहन

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है.

इसके पहले राष्ट्रपति ओबामा का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया.

ओबामा ने राष्ट्रपति भवन में कहा कि भारत विश्व शक्ति बनने नहीं जा रहा है बल्कि बन गया है. उनका कहना था कि अमरीका और भारत के बीच दोस्ती और मज़बूत करने की ज़रूरत है.

ओबामा ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और आतंकवाद विरोधी सहयोग को और बढ़ाने की आवश्कता है.

इसके पहले राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने ओबामा और मिशेल ओबामा का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया.

इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी मौजूद थे.

अमरीकी राष्ट्रपति शाम को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे.

ओबामा भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलने का कार्यक्रम है.

ओबामा मंगलवार सवेरे जकार्ता के लिए रवाना हो जाएंगे.

मनमोहन-ओबामा मुलाक़ात

इसके पहले रविवार को मनमोहन सिंह और अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने निजी तौर पर मुलाक़ात की.

ये मुलाक़ात मनमोहन सिंह के निवास स्थान सात रेस कोर्स में हुई जहाँ भारतीय प्रधानमंत्री ने ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया था.

समझा जाता है कि लगभग आधे घंटे तक चली बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों का जायज़ा लेने के साथ ही रणनीतिक साझेदारी को अधिक मज़बूत करने के उपायों पर विचार किया.

साथ ही उन्होंने सोमवार को होने वाली औपचारिक बैठकों पर भी एक निगाह दौड़ाई.

औपचारिक बातचीत

यूँ तो राष्ट्रपति ओबामा रविवार दिन को ही दिल्ली पहुँच चुके हैं लेकिन दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत का सिलसिला सोमवार को होना है जिसके बाद दोनों नेता एक साझा बयान जारी करेंगे.

Image caption मनमोहन सिंह ने ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया था

इन बैठकों में आउटसोर्सिंग, ऊर्जा, विज्ञान और तकनीक, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी.

भारत को उम्मीद थी कि यहाँ अपनी मौजूदगी के दौरान ओबामा पाकिस्तान की ओर से चरमपंथी गुटों को दी जा रही मदद पर कोई कड़ा बयान देंगे लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति की ओर से अब तक ऐसा कोई बयान नहीं आया है.

उन्होंने साफ़ कर दिया है कि भारत-पाकिस्तान रिश्तों के संबंध में अमरीका किसी तरह का दबाव नहीं बनाएगा.

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार पुष्पेश पंत का कहना है कि पाकिस्तान के मामले में भारत को अमरीका से कोई बड़ी उम्मीद नहीं रखनी चाहिए.

वैसे ओबामा ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को फिर से औपचारिक बातचीत का सिलसिला शुरू करना चाहिए.

स्वागत और विरोध

मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी ने ओबामा दंपत्ति का स्वागत हवाई अड्डे जाकर किया.

साथ ही मुंबई में अमरीकी राष्ट्रपति ने 10 अरब डालर के व्यवसायिक समझौतों की घोषणा की थी.

Image caption मुंबई में छात्रों से भी रूबरू हुए राष्ट्रपति ओबामा

हालांकि कुछ लोग इस यात्रा को महज़ बाज़ारवाद को बढ़ावा देने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं.

भारतीय वामपंथी पार्टियों ने सोमवार को ओबामा के विरोध मे बंद की घोषणा की है.

राष्ट्रपति ओबामा सोमवार को भारत के संसद सदस्यों को संबोधित करने वाले हैं.

भोपाल गैस पीड़ितों के साथ काम कर रही कुछ संस्थाए ओबामा के भाषण के समय संसद के घेराव की बात कर रही हैं.

भोपाल गैस पीड़ितों के लिए संघर्ष कर रहे अब्दुल जब्बार का कहना है कि जहाँ मेक्सिको की खाड़ी में हुए तेल रिसाव के लिए अमरीका ने अरबों डालर का मुआवज़ा लिया वहीं भोपाल गैस पीड़ितों को त्रासदी के 26 सालों बाद भी न्याय नहीं मिल पाया है.

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