रैगिंग के लिए चार छात्रों को सज़ा

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption छात्रों को अब भी रैगिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है

हिमाचल प्रदेश के कांगडा स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की वजह से छात्र अमन काचरू की मौत के मामले में अदालत ने चार सीनियर छात्रों को दोषी क़रार दिया है.

इन चारों छात्रों को चार साल के क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

ग़ौरतलब है कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अमन काचरु की मौत 8 मार्च, 2009 को हो गई थी.

इस मामले में पुलिस ने पहले चार सीनियर छात्रों को गिरफ़्तार कर लिया था.

मेडिकल के प्रथम वर्ष के छात्र अमन काचरू ने कॉलेज प्रशासन से लिखित तौर पर शिकायत की थी कि उनके साथ सीनियर छात्रों ने मारपीट की थी.

उसके कुछ घंटों बाद ही उनकी मौत हो गई थी.

काचरु की मौत के मामले में राज्य सरकार ने न्यायिक जांच भी कराई थी.

जांच रिपोर्ट में पाया गया था कि काचरु सहित कई अन्य छात्रों को भी शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया था.

क़ानून के तहत शिक्षण संस्थानों में रैगिंग पर प्रतिबंध है और उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि यदि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की किसी भी तरह की कोई घटना होती है तो इसका दायित्व संस्थान प्रमुख पर होता है.

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