राजा पर जो कहना होगा, संसद में कहेंगे: प्रणव

Image caption प्रणव मुखर्जी ने दूरसंचार मंत्री के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने 2जी स्पेक्ट्रम के कथित घोटाले और उससे जुड़े दूरसंचार मंत्री ए राजा के बारे में रविवार को कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इस संबंध में जो भी कहना है, संसद में कहा जाएगा.

प्रणव मुखर्जी ने एक आयोजन के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, ''संसद का सत्र चल रहा है. दूरसंचार मंत्री ए राजा के बारे में जो कुछ भी कहना है संसद में कहा जाएगा.''

इससे पहले रविवार को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने राजा के संबंध में विचार विमर्श किया.

मोबाइल कंपनियों को 2 जी स्पैक्ट्रम आवंटन मामले में घोटाले का आरोप झेल रहे संचार मंत्री ए राजा को हटाने के लिए सरकार पर बड़ा दबाव है.

विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही ठप कर रखी है. लेकिन अब तक सरकार डीएमके के नेता ए राजा के पक्ष में खड़ी हुई दिखाई दे रही है.

डीएमके अडा

प्रधानमंत्री के सामने यह असमंजस साफ़ दिखता है कि वे यूपीए के एक अहम घटक दल के मंत्री को किस तरह से हटाएँ.

Image caption डीएमके और सरकार फ़िलहाल राजा का बचाव कर रही है

भाजपा और वाम दलों समेत विपक्ष ने धमकी दी है कि अगर राजा को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से नहीं हटाया गया, तो विपक्ष संसद नहीं चलने देगा.

विपक्षी दलों ने सीएजी की उस रिपोर्ट के बाद सरकार पर अपना दबाव बढ़ाया है जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि मोबाइल कंपनियों को सस्ती दरों पर लाइसेंस देने से सरकार को 1.70 लाख करोड़ का नुक़सान हुआ. ये रिपोर्ट अभी संसद में पेश नहीं हुई है इसलिए सरकार की ओर से इस पर कोई अधिकृत टिप्पणी नहीं की जा रही है.

लेकिन ए राजा को बढ़ते दबाव का ही परिणाम है कि 18 सांसदों वाली डीएमके पार्टी के नेता करुणानिधि को कहना पड़ा है कि राजा दोषी नहीं हैं और उन्होंने नियमानुसार ही 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन किया है.

ए राजा ने भी इस्तीफ़ा देने से इनकार करते हुए कहा कि स्पेक्ट्रम के आवंटन में कोई घोटाला नहीं हुआ.

माना जा रहा है कि सोमवार को सीएजी की रिपोर्ट संसद में पेश कर दी जाएगी. तब तक कांग्रेस आलाकमान और डीएमके के बीच वो बातचीत हो चुकी होगी जिससे ए राजा का हटना या रहना तय होगा.

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