विपक्ष का 2जी पर रवैया अलोकतांत्रिक: मोइली

मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन सिंह को मामले में हलफ़नामा दायर करने को कहा गया

केद्रीय क़ानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा है कि सरकार 2जी स्पेक्ट्रम मामले पर संसद में बहस के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर अलोकतांत्रित रवैया अपना कर संसद के कामकाज को रोक रही है.

चेन्नई में पत्रकारों के सवालों के जवाब में मोइली ने कहा कि इस विषय पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर करने से उनकी छवि को किसी भी तरह का नुक़सान नहीं पहुँचा है.

विपक्षी दलों ने पिछले कुछ दिनों में संचार क्षेत्र के 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस दिए जाने में घोटाले का हवाला देते हुए संयु्क्त संसदीय जाँच की माँग पर ज़ोर दिया है और इस दौरान संसद की कार्यवाही को भी चलने नहीं दिया है.

'पत्थर फेंक कर भाग रहे हैं'

समाचार एजेंसियों के अनुसार मोइली ने कहा, "विपक्ष ने पत्थर फेंक कर भागने का रुख़ अपनाया है....ये सही नहीं है....संसद का कामकाज रोका है. ये अलोकतांत्रिक तरीका है. हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है...हमारे प्रधानमंत्री ऐसे हैं जिनके चरित्र और किरदार पर कोई उँगली नहीं उठा सकता है."

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए मोइली ने कहा कि संयुक्त संसदीय जाँच ये ज़्यादा ज़रूरी संसद है जो देश का सबसे बड़ा मंच है.

उनका कहना था, "हम बहस से डर नहीं रहे हैं. हम बहस के लिए तैयार हैं और विपक्ष तथा किसी के साथ भी बात कर सकते हैं....संसद ही सही मंच है...यदि किसी को इस मामले में सज़ा मिलनी चाहिए...तो उस पर भी संसद में बात हो सकती है."

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