आंध्र में कांग्रेस की आपात बैठक

जगन मोहन
Image caption जगन मोहन ने पार्टी के आदेशों की अवहेलना करके प्रदेश भर में पदयात्राएँ की हैं

कांग्रेस आला कमान ने अचानक एक क़दम उठाते हुए बुधवार की शाम हैदराबाद में आंध्र प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है.

आपातकालीन बैठक बुलाने का कोई कारण नहीं बताया गया है और न ही यह कहा गया है कि इस बैठक का क्या एजेंडा होगा.

वैसे तो कहा जा रहा है कि दिवंगत मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डी के विद्रोही तेवरों पर विचार करने के लिए बैठक बुलाई जा रही है.

लेकिन अटकलें यह भी लगाई जा रही हैं कि आलाकमान राज्य में नेतृत्व परिवर्तन करना चाहता है और के रोसैया की जगह एस जयपाल रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है.

बवाल के बाद बैठक

मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री के रोसैया को कांग्रेस के प्रभारी वीरप्पा मोइली का फोन आया और उनसे कहा गया कि वे बुधवार की शाम साढ़े छह बजे विधायक दल की बैठक बुलाएँ.

इस बैठक में स्वयं वीरप्पा मोइली भी उपस्थित रहेंगे. इस बैठक में कांग्रेस के सभी विधायकों के अलावा सांसद भी उपस्थित रहेंगे. यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण बन गई है क्योंकि गत कुछ दिनों से राज्य में कांग्रेस पार्टी में एक ज़बरदस्त बवाल मचा हुआ है.

Image caption जगन मोहन के टीवी चैनल ने सोनिया और मनमोहन दोनों की निंदा की थी

लोकसभा सदस्य जगन मोहन रेड्डी के टीवी चैनल साक्षी ने एक ऐसी रिपोर्ट प्रसारित की है जिसमें सीधे सोनिया गाँधी को निशाना बनाया गया है और उन्हें एक विफल नेता बताया गया है.

इस के बाद से प्रदेश कांग्रेस के कई नेता जगन मोहन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

आला कमान पहले ही इस पूरे मामले में रिपोर्ट मांग चुकी है और स्वयं मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट दे दी है जिसमें जगन की तमाम विरोधी गतिविधियों का ब्यौरा दिया गया है. मुख्यमंत्री के रोसैया मंगलवार को दिल्ली में ही थे लेकिन वे सोनिया गाँधी से मिले बिना ही हैदराबाद लौट आए.

उनकी मुलाक़ात सोनिया गांधी के राजनैतिक सचिव अहमद पटेल से हुई जिस में उन्होंने जगन मामले से उत्पन होने वाली परिस्थितियों पर विचार किया. रोसैया के हैदराबाद लौटने के तुरंत बाद ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने का फ़ैसला हुआ.

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में दो प्रस्ताव पारित किए जाएंगे जिनमें से एक में साक्षी चैनल की रिपोर्ट की निंदा की जाएगी और दूसरे में सोनिया गाँधी के नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया जाएगा. सूत्रों का यह भी कहना कि बैठक बुलाने का एक उद्देश्य यह अनुमान लगाना भी है कि पार्टी में कितने विधायक और सांसद जगन मोहन रेड्डी के साथ हैं और उसके बाद ही जगन के विरुद्ध कार्रवाई का फ़ैसला किया जाएगा.

वैसे पार्टी इस संभावना के लिए भी तैयार है कि एक दर्जन के आसपास विधायक जगन का साथ देंगे.

उस सूरत में कांग्रेस ने चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी से समर्थन लेने की तैयारियाँ कर ली हैं ताकि उस की सरकार अल्पमत में न आए. महत्वपूर्ण बात यह है कि मंगलवार को ही चिरंजीवी भी दिल्ली में थे और उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य की सिंचाई परियोजनाओं पर बात की थी.

चिरंजीवी पहले ही यह कह चुके हैं कि ज़रुरत पड़ने पर उनकी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करेगी.

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