भारत -पाक के बीच नए 'रास्ते' की तलाश

निरुपमा राव

पाकिस्तान के एक व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा है कि खोखरापार और मोनाबाओ के बीच सड़क संपर्क तैयार किया जा सकता है.

राजस्थान में स्थित खोखरापार और सिंध में स्थित मोनाबाओ के बीच रेल संपर्क पहले से ही मौजूद है.

निरुपमा राव भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार को बढ़ाने के उद्देश्य से उद्योग संगठन 'फिक्की' के कार्यक्रम में बोल रही थीं. दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में पाकिस्तान और भारत के व्यावसायिक प्रतिनिधि मंडलों के बीच दिल्ली में एक बैठक हुई है.

फिक्की के अध्यक्ष राजन मित्तल भारतीय दल की ओर से और सुल्तान चावला पाकिस्तान के उद्योगों के समूह की अध्यक्षता कर रहे थे.

भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार में आने वाली दिक्कतों पर निरुपमा राव ने कहा, "अगर दोनों देशों के व्यापारी साथ मिल कर काम करेंगे तो कुछ भी नामुमकिन नहीं. इस ओर पहला कदम पाकिस्तान को भारत को व्यापार में विशेष राष्ट्र का ओहदा देकर करना चाहिए. भारत ने यह बहुत पहले कर दिया है."

नया सड़क संपर्क

निरुपमा राव ने कहा की खोखरापार और मोनाबाओ के बीच सड़क रास्ता तैयार किया जा सकता है.

गौरतलब है की पकिस्तानी दल के अध्यक्ष सुल्तान चावला ने ये बात सब के सामने रखी थी कि अभी मात्र एक ही सड़क रास्ता है जो दोनों देशों को जोड़ता है और वहां भी पकिस्तान की ओर से आ रहे ट्रकों के लिए कोई इंतज़ाम नहीं किया जाता.

खोखरापार और मोनाबाओ का रास्ता भारत के राजस्थान और पाकिस्तान के सिंध प्रान्त को जोड़ता है और फिलहाल इस रास्ते पर ट्रेनों की आवाजाही है.

निरुपमा राव ने ये भी साफ़ कहा कि वो चाहती है की भारत की उन्नति में उसके पड़ोसियों का भी हाथ हो और वो इस को मुमकिन करने के लिए पूरी मदद देने को तयार हैं. बैठक में मौजूद दक्षिण एशयाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के उपाध्यक्ष विक्रमजीत सिंह ने कहा की दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के काफ़ी उपाय है लेकिन जब तक दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्ते बेहतर नहीं होंगे तब तक हम यूरोपीय संघ या दक्षिण अमरीकी देशों की तरह एक साथ मिल कर काम नहीं कर पाएंगे.

उन्होंने इस बात पर भी गौर देने को कहा कि लोगों के बीच विचारों और संस्कृति का आदान-प्रदान भी उतना ही जरुरी है जितना की व्यापार.

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