जीत की मुश्किलें

Image caption पाकिस्तानी टीम हॉकी के फ़ाइनल में पहुँचने की उम्मीद नहीं की जा रही थी

पाकिस्तान हॉकी टीम ने सेमीफ़ाइनल में दक्षिण कोरिया को सडन डेथ में हराकर फ़ाइनल में जगह बना ली.

कई पाकिस्तानी समर्थक ये मैच देखने आए थे और मैच ख़त्म होते ही वे मारे ख़ुशी के झूम उठे.

मगर अब उनके सामने संकट से उठ खड़ा हुआ कि फ़ाइनल मैच की टिकटों का क्या करें क्योंकि फ़ाइनल की टिकटें अब उपलब्ध नहीं हैं और उन समर्थकों को ये तो उम्मीद ही नहीं थी कि पाकिस्तान टीम फ़ाइनल तक पहुँचेगी.

इसलिए उन्होंने फ़ाइनल की टिकट नहीं ख़रीदी. ऐसे में वे ऊपर स्टैंड में से ही खड़े होकर पाकिस्तानी खिलाड़ियों का नाम ले-लेकर चिल्ला रहे थे और कह रहे थे कि उनके लिए टिकटों की व्यवस्था करवाई जाए.

पाकिस्तानी टीम के मैनेजर ने हाथ उठाकर उन समर्थकों को आश्वस्त तो किया कि कुछ करते हैं पर देखना है फ़ाइनल में कितने पाकिस्तानी समर्थकों को स्टेडियम में जगह मिल पाती है.

राजनीति और कोरियाई तीरंदाज़

उत्तर और दक्षिणी कोरिया के बीच राजनीतिक स्तर पर और सामरिक स्तर पर तनाव पैदा हो गया है.

मगर यहाँ ग्वांगजो में इन दोनों देशों के तीरंदाज़ पदक स्टैंड पर एक दूसरे के बगल में ही खड़े थे.

तीरंदाज़ी की एकल स्पर्द्धा में दक्षिण कोरियाई महिला तीरंदाज़ में स्वर्ण और उत्तर कोरियाई ने काँस्य जीता. दोनों देशों के झंडे भी साथ ही ऊपर चढ़े.

बाद में संवाददाता सम्मेलन में दोनों से इस तनाव के बारे में सवाल किया गया मगर उन्होंने कहा कि वे खेल के मैदान में उतरते समय दोनों देशों के तनाव के बारे में नहीं सोचते.

दक्षिण कोरियाई तीरंदाज़ ने तो यहाँ तक कहा कि वो तो उत्तर कोरियाई तीरंदाज़ के फ़ाइनल तक पहुँचने की भी उम्मीद कर रहीं थीं.

लिन डान का क्रेज़

चीनी बैडमिंटन स्टार लिन डान का यहाँ इतना क्रेज़ है कि बस क्या बताया जाए. उनके एकल फ़ाइनल वाले दिन तो स्टेडियम में पत्रकारों को भी सीमित संख्या में ही जाने दिया गया.

लिन डान ने एकल का स्वर्ण पदक जीत लिया. विश्व चैंपियन और ओलंपिक में स्वर्ण जीत चुके लिन के पास बस यही पदक नहीं था.

इसके बाद लिन ने मारे ख़ुशी के हवा में मुक्के चलाए, ‘यस-यस’ बोले और फिर अपनी टी-शर्ट फाड़कर दर्शकों के बीच उछाल दी.

अब जब लोग उनके दीवाने हों तो उनकी टी-शर्ट के लिए भी आपाधापी मचनी थी, वैसा ही हुआ और सुरक्षाकर्मियों को आकर वहाँ हो रही खींचतान को शांत करना पड़ा.

वो टी-शर्ट वैसे किसी महिला के हाथों नहीं बल्कि एक पुरुष प्रशंसक के हाथों लगी और महिला प्रशंसक काफ़ी ललचाई और ईर्ष्या भरी नज़रों से उस ओर देख रहीं थीं.

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