‘पाकिस्तान ने नहीं निभाया अपना वादा’

पी चिदंबरम
Image caption हमले की बरसी के मौके पर मुंबई के कई हिस्सों में प्रार्थना सभाएं की गईं.

26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए चरमपंथी हमलों की दूसरी बरसी के मौके पर भारत ने एक बार फिर कड़े शब्दों में पाकिस्तान को याद दिलाया है कि वो अपना वादा निभाए और इन हमलों के दोषिय़ों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे.

मुंबई में इस मौके पर आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, '' पाकिस्तान ने हमसे वादा किया था कि वो उन सभी सात लोगों को गिरफ़्तार करेगा जिनके नाम इन हमलों के संबंध में सौंपे गए थे. पाकिस्तान से यह भी कहा गया था कि वो जांच प्रक्रिया के लिए उन लोगों की आवाज़ के नमूने सौंपे लेकिन पाकिस्तान ने यह वादा भी पूरा नहीं किया है.''

उन्होंने कहा कि कसाब के जीवित पकड़े जाने के बाद हमें हमलों के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के बारे में पुख़ता सबूत मिले लेकिन इस मौके पर हमें एक बार फिर याद आता है कि हमारा पड़ोसी देश अपने किए गए एक भी वादे को पूरा नहीं कर रहा है.

'जल्द हो कार्रवाई'

हमलों की बरसी के मौके पर भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा, '' भारत फिर अपनी धरती पर मुंबई हमलों जैसी घटना नहीं होने देगा. ये दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे पड़ोस में स्थितियां सामान्य नहीं है और हमें लगातार सजग रहने की ज़रूरत है. ''

विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि, 'पाकिस्तान अपने क्षेत्रों में पनप रही चरमपंथी गतिविधियों पर रोक लगाए और मुंबई हमलों के दोषियों पर जल्द से जल्द कार्यवाई करे.'

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है, ''हम पाकिस्तान के साथ सद्भाव का रिश्ता चाहते हैं और भारत, बातचीत के ज़रिए पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है.''

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इस मौके पर कहा, ''हम अपने दुश्मनों की रणनीति को लेकर कभी दबाव में नहीं आएंगे. मानवता के खिलाफ किए गए इस अपराध के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए हम दोगुने प्रयासों के साथ जुटे हैं ''

इस बीच हमलों की पूर्व संध्या पर पाकिस्तान सरकार ने भारत की ओर से इन हमलों को लेकर एक कूटनीतिक नोट मिलने की पुष्टि की और कहा है कि वह हमलावरों को न्याय के कटघरे तक पहुँचाने के लिए वचनबद्ध है.

प्रार्थना सभाएं

26 नवंबर 2008 को मुंबई में कई जगहों पर 10 बंदूकधारियों ने मिलकर हमले किए थे, जिनमें 166 लोगों की मौत हो गई थी. सबसे बड़ा हमला मुंबई के ऐतिहासिक ताज होटल पर किया गया था. इन हमलों में कई विदेशी भी मारे गए थे.

हमले की बरसी के मौके पर मुंबई के कई हिस्सों में प्रार्थना सभाएं की जा रही हैं. इन कार्यक्रमों में केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम और मुंबई के मुख्यमंत्री पृथ्वी राज च्वहाण सहित कई दूसरे नेता और आम लोग शामिल हैं.

कार्यक्रेमों की शुरुआत सुबह मरीन ड्राइव से हुई जहां से मुंबई पुलिस ने एक शांति मार्च निकाला और हर स्थिति में मुंबई के लोगों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया.

हमलों की साज़िश

हमलों के लिए मुंबई में दाखिल हुए दस में से नौ बंदूकधारी मारे गए थे और जीवित पकड़े गए एक हमलावर अजमल कसब को निचली अदालत में मौत की सज़ा सुनाई गई है.

इन हमलों की साज़िश के आरोपी पाकिस्तानी मूल के अमरीकी नागरिक डेविड हेडली पर अमरीका में मुकदमा चल रहा है.

इस मुकदमे के दौरान हेडली ने माना है उसने हमलों की साज़िश रचने में कारगर भूमिका निभाई.

Image caption छात्रों ने भी हमले की बरसी की पूर्व संध्या पर शांति-मार्च निकाला.

हालांकि भारत का मानना है कि हमलों की साज़िश मुख्य रुप से चरमपंथी संगठन लश्करे तैयबा द्वारा पाकिस्तान में रची गई.

भारत का आरोप है कि पाकिस्तान ने अभी तक इन अभियुक्तों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है.

बरसी पर संवेदना

मुंबई हमलों की दूसरी बरसी पर अमरीका की विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन ने कहा है कि 'लोगों का संकल्प और संयम आतंकवादियों के बमों और बंदूकों से ज़्यादा शक्तिशाली है'.

हमलों की बरसी पर संवेदना

अपने बयान में हिलरी क्लिंटन ने कहा, "उस समय की तरह आज भी अमरीकी भारत के लोगों के साथ खड़े हैं और उन लोगों के प्रति हमारे मन में काफ़ी सम्मान है, जिन्होंने मुंबई हमलों के दौरान अपनी जान गँवाई."

हाल ही में अपनी भारत यात्रा के दौरान अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ताज होटल में ही ठहरे थे और दो साल पहले इन हमलों का शिकार हुए कुछ लोगों से मुलाकात भी की थी.

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