पहली ही बैठक में उभरा असंतोष

किरण रेड्डी
Image caption किरण रेड्डी को कांग्रेस आला कमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री बनाया गया है

आंध्र प्रदेश के नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही गहरे मतभेद सामने आए, एक नाराज़ मंत्री बी सत्यनारायणा ने इस शिकायत के साथ मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी की खिंचाई की कि उनके मंत्रिमंडल में पिछड़ों और कमज़ोर वर्गों के साथ घोर अन्याय किया गया है. मंत्रिमंडल की पहली बैठक गुरुवार की शाम तनाव और असंतोष के वातावरण में हुई क्योंकि एक मंत्री वी वसंत कुमार ने अपने विभाग से नाखुश होकर त्यागपत्र दे दिया और कई मंत्री भी इस मामले में नाखुश थे. पिछड़ी जाति से संबंध रखने वाले बी सत्यनारायाणा अपने साथ इस बात के आंकड़े लाए थे कि राज्य में 2002 से अब तक ऊँचे पदों में पिछड़ों को कितना हिस्सा मिला. सूत्रों के अनुसार सत्यानारायणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि किस आधार पर उन्होंने रेड्डी जाति से पंद्रह लोगों को लिया और उन सबको अहम विभाग दिए जबकि पिछड़े और कमज़ोर वर्गों को केवल दस मंत्री पद दिए गए और उन्हें मामूली विभाग दिए गए.

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने बैठक में सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाया था.

सत्यनारायणा का कहना था, "मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं अपने विभाग से खुश नहीं हूँ. विभाग अहम नहीं है लेकिन यह बात अहम है कि पिछड़ों और कमज़ोर वर्गों को उनका हिस्सा मिले, चाहे वो विभागों में या सरकार की ओर से ख़र्च होने वाली राशि में हो." उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा पिछड़ो के साथ रही है और इसी नीति को जारी रखा जाना चाहिए. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सारी आपत्तियों के जवाब में केवल इतना कहा कि इन सारे मामलों से आला कमान निबटेगी. इस बीच मंत्रियों के असंतोष से निबटने के लिए आला कमान एक वरिष्ठ नेता को हैदराबाद भेज रही है जो इन मंत्रियों से बात करेंगे.

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